नयी दिल्ली, आठ जून खाद्य तेल ब्रांड ‘धारा’ की बिक्री करने वाली मदर डेयरी ने इस तेल के अधिकतम खुदरा कीमत (एमआरपी) में प्रति लीटर 10 रुपये तक की कटौती करने की घोषणा करते हुए कहा है कि अगले सप्ताह से नई कीमतों वाली पैकिंग बाजार में उपलब्ध हो जाएगी।
कंपनी ने कहा कि धारा ब्रांड के तेल की कीमतों में कटौती वैश्विक बाजार में खाद्य तेल की कीमतों में आई गिरावट को देखते हुए की गई है। मदर डेयरी दिल्ली एवं एनसीआर क्षेत्र में दुग्ध उत्पादों की प्रमुख आपूर्तिकर्ता होने के साथ धारा ब्रांड के तहत खाद्य तेल की भी बिक्री करती है।
खाद्यतेलों को आम तौर पर खुदरा विक्रेता, बोतल या उसके पैकेट पर छपे एमआरपी से कम दाम पर बेचते हैं।
पिछले हफ्ते, केंद्र ने खाद्य तेल उद्योग निकायों को निर्देश दिया कि वे अपने सदस्यों को तत्काल प्रभाव से प्रमुख खाद्य तेलों के एमआरपी को 8-12 रुपये प्रति लीटर कम करने की सलाह दें।
मदर डेयरी के प्रवक्ता ने बृहस्पतिवार को जारी बयान में कहा, ‘‘धारा खाद्य तेल के सभी संस्करणों के एमआरपी में 10 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती की जा रही है। यह कदम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खाद्य तेलों के दाम गिरने और घरेलू स्तर पर सरसों जैसी तिलहन फसलों की उपलब्धता में सुधार को देखते हुए उठाया गया है।’’
इसके साथ ही प्रवक्ता ने कहा कि धारा ब्रांड के खाद्य तेल नई एमआरपी के साथ अगले सप्ताह तक खुले बाजार में मिलने लगेंगे।
दाम में कटौती के बाद धारा ब्रांड के रिफाइंड सोयाबीन तेल की कीमत 140 रुपये प्रति लीटर होगी जबकि रिफाइंड चावल भूसी तेल (राइस ब्रान) का एमआरपी 160 रुपये प्रति लीटर होगा।
धारा रिफाइंड वनस्पति तेल अब 200 रुपये प्रति लीटर के भाव पर उपलब्ध होगा। इसी तरह धारा कच्ची घानी सरसों तेल की एमआरपी 160 रुपये प्रति लीटर और धारा सरसों तेल की एमआरपी 158 रुपये प्रति लीटर होगी।
मदर डेयरी ने कहा कि धारा का रिफाइंड सूरखमुखी तेल का एमआरपी अब 150 रुपये प्रति लीटर और नारियल तेल का एमआरपी 230 रुपये प्रति लीटर होगा।
खाद्य सचिव संजीव चोपड़ा ने 2 जून को खाद्य तेल हितधारकों के साथ एक बैठक की थी जिसमें खाद्यतेलों की वैश्विक कीमतों में निरंतर गिरावट के मद्देनजर खाद्यतेलों की खुदरा कीमतों में और कटौती करने के बारे में चर्चा की गई।
उद्योग ने सूचित किया था कि पिछले दो महीनों में विभिन्न खाद्य तेलों की वैश्विक कीमतों में 150-200 डॉलर प्रति टन की गिरावट आई है। उन्होंने बताया कि तेल मिलों ने एमआरपी कम कर दी है और जल्द ही इसे और कम करेंगे।
खाद्य तेलों के प्रमुख आयातक देश भारत ने विपणन वर्ष 2021-22 में 1.57 लाख करोड़ रुपये के खाद्य तेलों का आयात किया था। भारत अपनी कुल खाद्य तेल जरूरतों का 50 प्रतिशत से ज्यादा आयात करता है।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY