नयी दिल्ली, 27 जुलाई पंजाब के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (आप) के नेता भगवंत मान ने बृहस्पतिवार को नरेन्द्र मोदी सरकार पर विपक्ष की आवाज ‘‘दबाने’’ तथा देश में नफरत की राजनीति को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।
वह संसद परिसर में ‘आप’ के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह के निलंबन के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे विपक्षी सांसदों के साथ शामिल हुए। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्तारूढ़ गठबंधन सांसदों को जनता से जुड़े मुद्दों को उठाने नहीं देता।
मान ने कहा कि निर्वाचित प्रतिनिधियों की आवाज दबाने का यह ‘‘निरंकुश’’ तरीका और वह भी इस ‘‘लोकतंत्र के मंदिर’’ में, पूरी तरह अवांछित है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘मोदी एंड कंपनी’ देश में लोकतंत्र को खतरे में डाल रही है। उन्होंने कहा कि अगर देश को प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और उनके 28 राज्यपालों सहित 30 लोगों द्वारा चलाया जाना है, तो चुनाव कराने पर भारी रकम क्यों बर्बाद की जानी चाहिए।
मान ने कहा, “यह लोकतंत्र में एक खतरनाक प्रवृत्ति है जिस पर तुरंत रोक लगाने की जरूरत है।”
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री अपने ‘मन की बात’ रेडियो कार्यक्रम में बात करना पसंद करते हैं लेकिन वह देश के लोगों की बात सुनने के लिए कभी तैयार नहीं रहते।
उन्होंने कहा कि देश के बुद्धिमान और लोकतंत्र पसंद लोग इसे कभी स्वीकार नहीं करेंगे और वे भाजपा तथा उसके सहयोगियों को करार सबक सिखाएंगे।
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