नयी दिल्ली, पांच नवंबर दिल्ली उच्च न्यायालय ने बृहस्पतिवार को कहा कि एमसीडी कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को वेतन नही मिलने के कारण कोविड-19 महामारी के दौरान सबसे अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ा है। इसके साथ ही अदालत ने नगर निकायों को दिवाली के त्योहार तक इनका बकाया जारी करने का प्रयास करने के लिए कहा है।
उच्च न्यायालय ने इस कर्मवारियों की स्थिति पर अफसोस जताया, जहां अप्रैल के बाद उत्तरी दिल्ली नगर निगम द्वारा पेंशनभोगियों को पेंशन का भुगतान नहीं किया गया है और यह स्वीकार्य नहीं है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को पूरी तरह से निस्सहाय छोड़ दिया गया है जबकि दूसरों को तो थोड़ा-बहुत मिल भी जाता है।
न्यायमूर्ति हिमा कोहली और सुब्रमनियम प्रसाद की पीठ ने कहा कि आखिर में, असली तकलीफों का सामना ऐसे कर्मचारी और उनके परिवार के सदस्य कर रहे हैं, जिनके पास सीमित संसाधन उपलब्ध हैं और इनको महामारी की पूरी अवधि में अधिकतम कष्ट झेलना पड़ा है, जिससे शायद ही कोई घर अछूता रहा है।’’
पीठ दिल्ली के तीनों नगर निगमों- उत्तर, पूर्व और दक्षिण के विभिन्न संवर्गों के कर्मचारियों और पेंशनरों के वेतन का भुगतान नहीं करने से संबंधित विभिन्न याचिकाओं पर सुनवाई कर रही थी।
याचिकाकर्ताओं की सूची में डॉक्टर, नर्स, पैरामेडिक स्टाफ, सफाई कर्मचारी, शिक्षक, चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारी और शिक्षक और इंजीनियर जैसे सेवानिवृत्त कर्मचारी शामिल हैं।
पीठ ने कहा ‘‘नगर निकाय, विशेष रूप से उत्तरी दिल्ली नगर निगम, दीवाली के त्योहार को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द कर्मचारियों और सेवानिवृत्त व्यक्तियों के वेतन के बकाया को जारी करने के लिए कदम उठाएं।’’
अदालत ने कहा, ‘‘यह मत भूलो कि यह त्यौहारों का मौसम है और उनकी बुनियादी जरूरतों के अलावा, मेहनताना हर किसी का अधिकार है और वे अपने परिवारों की बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए कहां जाएंगे।’’
पीठ ने कहा कि इनमें से कई काफी बुजुर्ग और बीमार व्यक्ति हैं जिन्हें चिकित्सा उपचार की आवश्यकता होती है, वे लोग इंतजार नहीं कर सकते।
सुनवाई के दौरान, तीनों एमसीडी ने दिल्ली सरकार के खिलाफ आम शिकायत की, जिनका कहना है कि दिल्ली सरकार द्वारा नगर निगमों को पूरी राशि जारी नहीं करने के कारण वेतन का भुगतान नही हो सका।
हालांकि, दिल्ली सरकार के वकील ने नगर निगमों के इन आरोपों का खंडन किया और कहा कि जिस तरह से राजस्व संग्रह ने एमसीडी को प्रभावित किया है, उसने राज्य को भी प्रभावित किया है।
अधिवक्ता सत्यकाम ने कहा कि दिल्ली सरकार को उम्मीद है कि केंद्र सरकार उसे 10,000 करोड़ से अधिक का राशि जारी करेगी।
केंद्र सरकार के स्थायी वकील अनिल सोनी ने भी दिल्ली सरकार के बयान का खंडन किया।
उच्च न्यायालय ने तीनों एमसीडी और दिल्ली सरकार को धन या वेतन और पेंशन जारी करने के बारे में स्थिति रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया और मामले को 16 दिसंबर को आगे की सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया।
कृष्ण
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