लखनऊ, 24 अप्रैल पहलगाम में आतंकवादी हमले के विरोध में बृहस्पतिवार को उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बाजार बंद रहे और मोमबत्ती मार्च निकाला गया।
आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत हो गई थी। इस मार्च का नेतृत्व एएमयू छात्र संघ के पूर्व अध्यक्ष सलमान इम्तियाज ने किया।
उन्होंने कहा, "यह जरूरी है कि देश इस मुश्किल घड़ी में एकजुट रहे और अपने देश के दुश्मनों को मुंहतोड़ जवाब दे।" महिलाओं और स्थानीय लोगों ने पीड़ितों के प्रति अपनी एकजुटता व्यक्त की और न्याय सुनिश्चित करने के लिए समर्थन का संकल्प लिया।
इम्तियाज ने कहा, "भारत में मुस्लिम समुदाय देश की अखंडता और एकता की रक्षा में अपनी उचित भूमिका निभाने के लिए पूरी तरह तैयार है।" उन्होंने केंद्र सरकार की सुरक्षा तैयारियों पर भी सवाल उठाते हुए कहा, "भाजपा के नेतृत्व वाली सरकार ने दावा किया था कि अनुच्छेद 370 के निरस्त होने से आतंकवाद समाप्त हो गया है, उसे इस बड़ी चूक के लिए जवाब देना चाहिए।"
हापुड़ में, हिंदू समूहों ने हमले की निंदा की और 25 अप्रैल को दोपहर तक पूर्ण बाजार बंद का आह्वान किया और लोगों से आतंकवाद के खिलाफ एकता दिखाने का आग्रह किया।
विभिन्न संगठनों ने ‘कैंडल मार्च’ भी निकाला। भारत विकास परिषद और समाजवादी पार्टी के सदस्यों ने पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी।
परिषद के सुरेश मित्तल ने कहा, "यह मानवता पर कायरतापूर्ण हमला है। सरकार को न केवल हमलावरों के खिलाफ बल्कि उन्हें शरण देने वालों के खिलाफ भी निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए।"
सपा के जिला अध्यक्ष आनंद गुर्जर ने कहा, "आतंकवादियों को उनकी ही में जवाब दिया जाना चाहिए। मारे गए लोग निर्दोष थे। यह सिर्फ सुरक्षा की विफलता नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय शर्म है।"
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