देश की खबरें | कांग्रेस के बहिष्कार के बावजूद 'केरलीयाम' में शामिल हुए मणिशंकर अय्यर

तिरुवनंतपुरम, चार नवंबर केरल में कांग्रेस की प्रदेश इकाई के बहिष्कार के बावजूद पार्टी के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर ने शनिवार को राज्य की वाम सरकार द्वारा आयोजित ‘केरलीयाम’ कार्यक्रम में हिस्सा लिया।

कांग्रेस ने इस कार्यक्रम को ‘पैसों की बर्बादी’ करार दिया था।

अय्यर ने इससे जुड़ी एक संगोष्ठी में हिस्सा लिया और विकेंद्रीकरण के क्षेत्र में दक्षिणी राज्य की उपलब्धियों की प्रशंसा की।

पूर्व केंद्रीय पंचायती राज मंत्री ने संगोष्ठी को संबोधित करते हुए कहा कि उन्हें अतिरिक्त मुख्य सचिव से यह जानकर प्रसन्नता हुई कि केरल में पंचायती राज विभाग का मुख्य उद्देश्य पहले से ही अत्यधिक गरीबी को दूर करना रहा है, जिस पर आगे भी काम जारी रहेगा।

उन्होंने कहा कि इसका मकसद यह सुनिश्चित करना है कि दक्षिणी राज्य में एक भी गरीब व्यक्ति न हो।

उन्होंने कहा,'' ऐसा प्रतीत हो रहा है कि केरल हर आंख से आंसू पोंछने में सफल होने वाला पहला राज्य बनने जा रहा है। मैं केरल के लोगों को बधाई देना चाहता हूं।''

अय्यर को देश में पंचायती राज व्यवस्था के प्रमुख वास्तुकारों में से एक के रूप में जाना जाता है।

उन्होंने कहा कि वह इस ‘‘शानदार उपलब्धि’’ को लेकर राज्य के लोगों को बधाई देते हैं न कि वामपंथी सरकार को।

कांग्रेस नेता ने कहा कि सरकारें विशेष अंतराल पर बदल सकती हैं लेकिन इससे पंचायती राज के प्रति केरल की प्रतिबद्धता में कोई फर्क नहीं पड़ता है।

राज्य में कांग्रेस के नेतृत्व वाले विपक्षी गठबंधन यूनाइटेड डेमोक्रेटिक फ्रंट (यूडीएफ) ने मार्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी(माकपा) के नेतृत्व वाली सरकार के 'केरलीयाम' कार्यक्रम के बहिष्कार की घोषणा करते हुए कहा था कि जब राज्य गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहा है तो यह एक 'फिजूलखर्ची' है।

'केरलीयाम' प्रदेश की प्रगति और उपलब्धियों को प्रदर्शित करने के लिए आयोजित किया जाने वाला कार्यक्रम है।

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