मंडी, 10 जून हिमाचल प्रदेश में मंडी जिले के सुंदरनगर में एक श्मशान घाट के प्रबंधन ने खुले में शव के अंतिम संस्कार को लेकर स्थानीय निवासियों की आपत्ति के बाद जिला प्रशासन से आग्रह किया है कि भविष्य में कोविड-19 से जान गंवाने वाले किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार परिसर में स्थित लकड़ी की गैस आधारित शवदाह प्रणाली से किया जाये।
कुछ दिन पहले बालह उपखंड में सुकेती नदी के तट पर दादौर में कोविड-19 से जान गंवाने वाले दो लोगों के खुले में अंतिम संस्कार को लेकर स्थानीय निवासियों ने विरोध दर्ज कराया था। इसके बाद चांदपुर श्मशान घाट विकास समिति ने जिला प्रशासन से भविष्य में, कोविड-19 से जान गंवाने वाले किसी व्यक्ति का अंतिम संस्कार परिसर में स्थित लकड़ी की गैस आधारित शवदाह प्रणाली से किये जाने का आग्रह किया।
मंडी के सुंदरनगर उपखंड में श्मशान घाट प्रबंधन ने कहा कि लकड़ी की गैस आधारित शवदाह प्रणाली में दाह संस्कार पर्यावरण के अधिक अनुकूल होगा।
वही दूसरी ओर जिला प्रशासन कोविड-19 से जान गंवाने वाले रोगियों के अंतिम संस्कार के लिए बालह उपखंड के दादौर में एक नया श्मशान घाट स्थापित करने की योजना बना रहा है।
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बालह के उपखंड मजिस्ट्रेट (एसडीएम) आशीष शर्मा ने बताया कि तहसीलदार ने सुकेती नदी के किनारे दादौर में श्मशानघाट के निर्माण के लिए जमीन का सीमांकन करने के आदेश दिये हैं।
समिति के अध्यक्ष अमरजीत सिंह ने कहा कि वुड गैसीफायर आधारित इस प्रणाली में केवल 75 किलोग्राम ईंधन का उपयोग किया जाता है।
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