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Maharashtra: नवी मुंबई में अवैध रूप से रहने के आरोप में बांग्लादेशी दंपति, बेटा गिरफ्तार

भारत में पिछले 30 साल से अवैध रूप से रहने के आरोप में बांग्लोदश के एक परिवार के तीन सदस्यों को नवी मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी.

Maharashtra: नवी मुंबई में अवैध रूप से रहने के आरोप में बांग्लादेशी दंपति, बेटा गिरफ्तार

ठाणे, 18 फरवरी : भारत में पिछले 30 साल से अवैध रूप से रहने के आरोप में बांग्लोदश के एक परिवार के तीन सदस्यों को नवी मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया है. अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी. मानव तस्करी निरोधक प्रकोष्ठ (एएचटीसी) के अधिकारियों ने 24 नवंबर 2024 को अवैध प्रवासियों के खिलाफ महाराष्ट्र के नवी मुंबई में चलाए जा रहे अभियान के दौरान वाशी स्थित जुहूगांव में एक फ्लैट पर रह रहे शारो अबताब शेख (48) और उसकी पत्नी सलमा सारो शेख (39) को पकड़ा था. उनके दस्तावेजों की जांच की गई. पुलिस की एक विज्ञप्ति में कहा गया कि दंपति ने अपने ‘फ्लैट’ के स्वामित्व के दस्तावेज, आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड और जन्म प्रमाण पत्र की फोटो प्रतियां पेश कीं. जन्म प्रमाणपत्र पश्चिम बंगाल के जयनगर में एक ग्रामीण अस्पताल द्वारा कथित तौर पर जारी किया गया था. दस्तावेज दिखाए जाने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया.

इस बीच, पुलिस ने दंपति द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों का सत्यापन शुरू किया. जन्म प्रमाण पत्रों की प्रामाणिकता की जांच के लिए एएचटीसी की एक टीम दो फरवरी को पश्चिम बंगाल के ग्रामीण अस्पताल भी गई थी. विज्ञप्ति में कहा गया है कि निरीक्षण के बाद दक्षिण 24 परगना के मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने नवी मुंबई पुलिस को सूचित किया कि दंपति द्वारा प्रस्तुत जन्म प्रमाण पत्र फर्जी थे. इसमें कहा गया है कि एक खुफिया सूत्र ने पुलिस को दंपति का राष्ट्रीयता कार्ड भी भेजा था, जिसमें कहा गया था कि वे बांग्लादेश से आए हैं. यह भी पढ़ें : बेंगलुरु जल बोर्ड ने गैर-जरूरी कामों में पेयजल के उपयोग पर प्रतिबंध लगाया

पुलिस ने बताया कि एएचटीसी ने रविवार को दंपति को और उनके 22 वर्षीय बेटे को गिरफ्तार कर लिया जो भारत में पैदा हुआ है. पुलिस ने बताया कि यह जोड़ा बोगना सीमा चौकी से होते हुए, वहां तैनात सुरक्षाकर्मियों की नजर से बचकर भारत में दाखिल हुआ. उन्होंने भारत में अवैध तरीके से सभी पहचान पत्र हासिल किए थे. पुलिस ने बताया कि तीनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) (छद्म रूप से धोखाधड़ी), 336(2) (जालसाजी), 338 (मूल्यवान सुरक्षा, वसीयत दस्तावेजों की जालसाजी) और 340(1) (जाली दस्तावेज या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड का उपयोग करना और इसे वास्तविक बताना) के साथ पासपोर्ट (भारत में प्रवेश) अधिनियम और विदेशी नागरिक अधिनियम के प्रावधानों के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है.

(The above story first appeared on LatestLY on Feb 18, 2025 10:26 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).