देश की खबरें | कोविड-19 महामारीः सरकार स्कूली पाठ्यक्रम व शैक्षिक घंटों को कम करने की योजना पर कर रही है काम
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नयी दिल्ली, नौ जून मानव संसाधन विकास (एचआरडी) मंत्री रमेश पोखरियाल 'निशंक' ने मंगलवार को ऐलान किया कि उनका मंत्रालय मौजूदा शैक्षणिक सत्र में स्कूली पाठ्यक्रम को छोटा करने और शैक्षिक घंटों को कम करने की योजना पर काम कर रहा है ताकि कोविड-19 महामारी से हुए शैक्षणिक नुकसान की भरपाई की जा सके।

मंत्री ने इस बाबत अलग-अलग पक्षकारों से सुझाव मांगें हैं।

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"निशंक" ने ट्वीट किया, " वर्तमान परिस्थितियों के मद्देनजर और माता-पिता और शिक्षकों से काफी अनुरोध मिलने के बाद, हम आने वाले शैक्षणिक वर्ष के लिए पाठ्यक्रम और शैक्षिक घंटों में कमी करने के विकल्प पर विचार कर रहे हैं। "

उन्होंने कहा, "मैं सभी शिक्षकों, शिक्षाविदों और शिक्षा विशेषज्ञों से इस मामले पर अपने विचार साझा करने की अपील करता हूं। "

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मंत्री ने कहा कि वे अपने विचार रखने के लिए मंत्रालय या मेरे ट्विटर और फेसबुक पेज पर "हैशटैग छात्रों के लिए पाठ्यक्रम 2020" का इस्तेमाल करें ताकि हम फैसला लेने के दौरान उनको ध्यान में रखें।

समूचे देश में 16 मार्च से कोरोना वायरस महामारी के मद्देनजर विश्वविद्यालय और स्कूल बंद हैं।

केंद्र ने 24 मार्च को 21 दिन का लॉकडाउन लागू किया था और जो अगले दिन से अमल में आया था। सरकार ने कई पाबंदियों में ढील देने का ऐलान किया है जबकि स्कूल तथा कॉलेज बंद हैं।

इस बीच, केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के अध्यक्ष मनोज आहूजा ने बताया कि सीबीएसई ने कोविड-19 महामारी के कारण शैक्षणिक नुकसान को पाटने के लिए पाठ्यक्रम को युक्तिसंगत करने पर काम शुरू कर दिया गया है और घटा हुआ पाठ्यक्रम एक महीने में तैयार हो जाएगा।

आहूजा ने " स्कूलों का भविष्यः कोविड-19 की चुनौतियों से पार पाना और उससे आगे" विषय पर आयोजित ऑनलाइन सम्मेलन में कहा, " हम अचानक से शिक्षा व्यवस्था में बदलाव ला कर भ्रम और अनिश्चिचतता पैदा नहीं कर सकते हैं।"

उन्होंने कहा, " हम पाठ्यक्रम को युक्तिसंगत बना रहे हैं। हम मूल तत्वों को रख रहे हैं और उन हिस्सों को हटा रहे हैं जो गैर जरूरी हैं।"

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