देश की खबरें | केरल विधानसभा अध्यक्ष ने लोगों की आस्था के बारे में कुछ नहीं कहा: के.के.शैलजा

नयी दिल्ली, चार अगस्त भगवान गणेश के बारे में केरल विधानसभा अध्यक्ष ए.एन. शमसीर की कथित टिप्पणी पर जारी विवाद के बीच मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की नेता के.के. शैलजा ने शुक्रवार को उनका बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने लोगों की आस्था के खिलाफ कुछ नहीं कहा है तथा समाज में लोगों को बांटने की कोशिश की जा रही है।

प्रदेश की पूर्व स्वास्थ्य मंत्री शैलजा ने कहा कि साक्ष्य या प्रमाण के बिना कोई यह नहीं कह सकता कि कोई चीज विज्ञान है।

हाल ही में एर्नाकुलम जिले के एक स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान, शमसीर ने कथित तौर पर केंद्र पर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी में उपलब्धियों के बजाय बच्चों को हिंदू मिथक सिखाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि भगवान गणेश एक मिथक हैं और इस मान्यता का कोई वैज्ञानिक आधार नहीं है। शमसीर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की शिक्षा नीति की आलोचना करते हुए यह टिप्पणी की थी।

केरल में प्रभावशाली नायर सर्विस सोसाइटी (एनएसएस) सहित कई हिंदू संगठन भगवान गणेश के बारे में शमसीर की कथित हालिया टिप्पणियों का विरोध कर रहे हैं।

विधानसभा अध्यक्ष की टिप्पणी पर हो रहे विवाद के बारे में पूछे जाने पर शैलजा ने आश्चर्य जताया कि इतना हंगामा करने की क्या जरूरत है।

शैलजा ने राष्ट्रीय राजधानी में संवाददाताओं से कहा, ‘‘ किसी इंसान को चीजों पर विश्वास करने के लिए मजबूर करने की क्या जरूरत है। हम किसी भी चीज से इनकार नहीं कर रहे हैं। कुछ मिथक हैं, कुछ लोग विश्वास कर रहे हैं। इस तरह चिल्लाने की क्या जरूरत है? ’’

माकपा नेता ने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने किसी की आस्था के खिलाफ कोई टिप्पणी नहीं की है।

उन्होंने कहा, ‘‘ मुझे लगता है कि यह लोगों को बांटने और हमारे देश में आम जनता को आक्रोशित करने के लिए जानबूझकर की जा रही एक कोशिश है। ’’

उन्होंने कहा, “कुछ मिथकों पर कुछ लोग विश्वास कर रहे हैं... हिंदू धर्म में कई तरह के भगवान हैं... हमारे प्रधानमंत्री ने कहा कि गणेश प्लास्टिक सर्जरी का उदाहरण थे। हम नहीं चिल्ला रहे हैं...।”

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