तिरुवनंतपुरम, 23 अक्टूबर केरल की वाम सरकार ने राज्य सेवा के कर्मचारियों और शिक्षकों को महंगाई भत्ते (डीए) की एक किस्त बुधवार को मंजूर की, जिसके परिणामस्वरूप राज्य के वार्षिक व्यय में लगभग 2,000 करोड़ रुपये की वृद्धि होगी।
वित्त मंत्री के. एन. बालगोपाल ने पेंशनधारकों के लिए महंगाई राहत (डीआर) की एक किस्त को मंजूरी देने की भी घोषणा की।
एक बयान में, मंत्री ने कहा कि बढ़े हुए डीए और डीआर का लाभ यूजीसी, एआईसीटीई और चिकित्सा सेवाओं सहित सभी क्षेत्रों में दिया जाएगा। बालगोपाल ने कहा कि स्वीकृत डीए और डीआर को आगामी महीने में वेतन और पेंशन के साथ वितरित किया जाएगा।
मंत्री ने कहा, ‘‘इसके परिणामस्वरूप राज्य का वार्षिक व्यय लगभग 2,000 करोड़ रुपये बढ़ने की संभावना है।’’
इस वर्ष अप्रैल में डीए और डीआर की एक किस्त पहले ही दी जा चुकी है।
बयान के अनुसार, इस वित्तीय वर्ष से सरकार का लक्ष्य कर्मचारियों और पेंशनधारकों को सालाना डीए और डीआर की दो किस्तें प्रदान करना है, जैसा कि मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने विधानसभा में स्पष्ट किया है।
बालगोपाल ने कहा कि कोविड-19 अवधि के दौरान वित्तीय चुनौतियों का सामना करने के बावजूद, केरल में बेहतर वेतन संशोधन लागू किया गया।
मंत्री ने कहा, ‘‘वित्त वर्ष 2021-22 की शुरुआत में डीए सहित लाभ नकद में प्रदान किए गए थे। हालांकि, केंद्र सरकार द्वारा उठाए गए प्रतिकूल उपायों के कारण, केरल को असामान्य वित्तीय संकट का सामना करना पड़ा, जिससे कुछ कर्मचारी लाभ वितरित करने में देरी हुई।’’
बालगोपाल ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनधारकों के लिए लाभ सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
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