तिरुवनंतपुरम, 27 अगस्त उत्तर प्रदेश में एक शिक्षिका के अपने स्कूल के छात्रों को अल्पसंख्यक समुदाय के एक लड़के को थप्पड़ मारने के लिए कहने का वीडियो सामने आने के बाद केरल के शिक्षा मंत्री वी. शिवनकुट्टी ने रविवार को कहा कि ऐसी घटना संवेदनशील युवाओं के लिए खतरनाक मिसाल कायम करती है।
मंत्री ने कहा कि बच्चे और छात्र मार्गदर्शन तथा प्रेरणा के लिए अपने शिक्षकों की ओर देखते हैं। उन्होंने ऐसे विभाजनकारी एवं नुकसानदेह कृत्यों को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में एक शिक्षिका अपने छात्रों से होमवर्क पूरा नहीं करने वाले लड़के को थप्पड़ मारने के लिए कह रही है और एक खास समुदाय के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करती हुई भी दिखाई दे रही है।
शिवनकुट्टी ने रविवार को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को एक पत्र लिखकर इस घटना पर चिंता व्यक्त की तथा कहा कि ऐसी घटना न केवल छात्र समुदाय के बीच सद्भाव को खतरे में डालती है, बल्कि देश भर के अनगिनत शिक्षकों की कड़ी मेहनत को भी कमजोर करती है।
वामपंथी दल के नेता शिवनकुट्टी ने अपने पत्र में शैक्षणिक संस्थान के भीतर इस तरह के विभाजनकारी कार्यों को बढ़ावा देने के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
शिवनकुट्टी ने कहा, ‘‘ऐसी घटना न केवल धर्मनिरपेक्षता और सहिष्णुता के सिद्धांतों के खिलाफ है, बल्कि यह उन संवेदनशील युवाओं के लिए एक खतरनाक मिसाल कायम करता है जो मार्गदर्शन और प्रेरणा के लिए अपने शिक्षकों की ओर देखते हैं। हमारा महान देश धर्मनिरपेक्षता और सहिष्णुता के लिए जाना जाता है।’’
उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री से इस घटना से प्रभावित छात्र की सुरक्षा और भावनात्मक कल्याण सुनिश्चित करने के लिए उचित कदम उठाने का भी आग्रह किया।
शिवनकुट्टी ने कहा, ‘‘यह जरूरी है कि प्रशासन स्पष्ट संदेश दे कि हमारे समाज में खासकर हमारे शैक्षणिक संस्थानों में इस तरह का व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’’
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