मुख्यमंत्री केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर कहा, ‘‘कृपया दिल्ली का बजट न रोकें’’
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर ‘‘दिल्ली का बजट नहीं रोकने’’ का अनुरोध किया. केंद्र सरकार ने दिल्ली विधानसभा में मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट पेश करने पर रोक लगा दी, जिसके बाद केजरीवाल ने यह पत्र लिखा है.
नयी दिल्ली, 21 मार्च : दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल (Arvind Kejriwal) ने मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर ‘‘दिल्ली का बजट नहीं रोकने’’ का अनुरोध किया. केंद्र सरकार ने दिल्ली विधानसभा में मंगलवार को वित्तीय वर्ष 2023-24 का बजट पेश करने पर रोक लगा दी, जिसके बाद केजरीवाल ने यह पत्र लिखा है. केजरीवाल ने प्रधानमंत्री मोदी को लिखे पत्र में कहा, ‘‘पिछले 75 साल में यह पहली बार है जब किसी राज्य का बजट रोक दिया गया है. आप दिल्ली वालों से क्यों खफ़ा हैं? दिल्ली का बजट मत रोकिए. हाथ जोड़कर दिल्लीवासी आपसे बजट को मंजूरी देने की अपील करते हैं.’’ केजरीवाल ने एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में सोमवार को केंद्र पर ‘‘सीधे-सीधे गुंडागर्दी’’ करने का आरोप लगाते हुए कहा कि देश के इतिहास में पहली बार ऐसा हुआ है कि एक सरकार के बजट पर रोक लगा दी गई है.
‘आप’ ने इसका एक वीडियो सोशल मीडिया मंच ट्विटर पर साझा किया. दिल्ली सरकार के सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने केजरीवाल सरकार के बजट पर रोक लगा दी है और इसे मंगलवार को विधानसभा में पेश नहीं किया जाएगा. केजरीवाल द्वारा केंद्र की आलोचना किए जाने के बाद गृह मंत्रालय के सूत्रों ने कहा कि मंत्रालय ने ‘आप’ सरकार से स्पष्टीकरण मांगा है क्योंकि उसके बजट प्रस्ताव में विज्ञापन के लिए अधिक आवंटन है और बुनियादी ढांचे तथा अन्य विकास पहलों के लिए अपेक्षाकृत कम राशि आवंटित की गई है. मंत्रालय के एक सूत्र ने कहा, ‘‘आप सरकार ने अब तक हमारे सवालों का जवाब नहीं दिया है.’’ ‘आप’ सरकार के सूत्रों ने आरोपों को झूठ बताया है. उन्होंने दावा किया कि कुल बजट 78,800 करोड़ रुपये का है, जिसमें से 22,000 करोड़ रुपये बुनियादी ढांचे पर खर्च के लिए हैं और सिर्फ 550 करोड़ रुपये विज्ञापनों के लिए निर्धारित किए गए हैं. केजरीवाल ने सोमवार को दिल्ली में प्रति व्यक्ति आय में वृद्धि पर एक खबर साझा करते हुए ट्विटर पर लिखा, ‘‘ दिल्ली बहुत अच्छा कर रही है, दैनिक आधार पर सभी बाधाओं के बावजूद. कल्पना कीजिए कि अगर इस तरह की बाधाएं न हों और सभी सरकारें लोगों के कल्याण के लिए मिलकर काम करें, तब दिल्ली कई गुना तेजी से विकास करेगी.’’ यह भी पढ़ें : समिति ने जल संकट मे जलवायु परिवर्तन की भूमिका के मूल्यांकन के लिए अध्ययन की सिफारिश की
दिल्ली विधानसभा में सोमवार को पेश की गई आर्थिक समीक्षा के मुताबिक, दिल्ली में 2022-23 सत्र में प्रति व्यक्ति आय 14.18 प्रतिशत बढ़कर 4,44,768 रुपये हो गई है. 2021-22 में यह 3,89,529 रुपये थी. दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय राष्ट्रीय औसत की तुलना में 2.6 गुना अधिक है. वित्त वर्ष 2020-21 में दिल्ली की प्रति व्यक्ति आय 3,31,112 रुपये थी. दिल्ली के वित्त मंत्री कैलाश गहलोत द्वारा पेश की गई समीक्षा के अनुसार, दिल्ली सरकार ने 2021-22 (शुरुआती) कर संग्रह में ‘‘बेहतरीन’’ 36 प्रतिशत की वृद्धि दर दर्ज की, जबकि 2020-21 में कोविड-19 वैश्विक महामारी के कारण इसमें 19.53 प्रतिशत की गिरावट आई थी. केजरीवाल ने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘ दिल्ली का विकास बोलता है.’’
(The above story first appeared on LatestLY on Mar 21, 2023 01:22 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

