श्रीनगर, पांच सितंबर जम्मू-कश्मीर प्रशासन ने मंगलवार को शिक्षक दिवस पर कारीगरों और शिल्पकारों को सम्मानित किया और उनके शिल्प कौशल की सराहना की।
उद्योग और वाणिज्य आयुक्त-सचिव विक्रमजीत सिंह ने कहा, ‘‘हम यहां शिक्षक दिवस मनाने के लिए एकत्र हुए हैं। हमारा मानना है कि प्रत्येक कारीगर एक शिक्षक है क्योंकि ये शिल्प, कौशल और ज्ञान एक शिक्षक के रूप में उनके माध्यम से एक पीढ़ी से दूसरी पीढ़ी तक पहुंचते हैं।’’
सिंह ने कहा कि समारोह का उद्देश्य शिल्पकारों और कारीगरों, विशेषकर उन लोगों का सम्मान करना है जिन्होंने ‘कारखंडार योजना’ में काम किया है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने जम्मू-कश्मीर से निर्यात को दोगुने से अधिक कर दिया है। इनमें ज्यादातर कश्मीर के हस्तशिल्प और हथकरघे शामिल हैं। इसलिए इसमें अपार संभावनाएं है। कारीगरों का कौशल अद्वितीय है।’’
उन्होंने यह भी कहा, ‘‘अब यह सुनिश्चित करने की जरूरत है कि वे अपने इस हुनर के लिए अधिकतम मूल्य प्राप्त कर सकें और यह विभाग द्वारा की गई पहल से ही किया जा सकता है।’’
कानी शॉल कारीगर मुश्ताक अहमद ने सम्मान के लिए विभाग को धन्यवाद दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘एक कलाकार के रूप में, मुझे विभाग की यह पहल काफी अच्छी लगी। यह मंच उन्हें विभाग से समर्थन और प्रोत्साहन देगा।‘‘
अहमद ने कहा, ‘‘इस प्रकार के आयोजनों से हमारी कला को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद मिलेगी। ’’
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