भोपाल, 20 अक्टूबर मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष एवं प्रदेश के पूर्व मुंख्यमंत्री कमलनाथ ने प्रदेश की मंत्री इमरती देवी को एक चुनावी रैली में ‘आइटम’ कहे जाने पर खेद जताया है।
अपनी इस टिप्पणी पर चौतरफा घिरने के बाद कमलनाथ ने सोमवार रात को यह खेद प्रकट किया।
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कमलनाथ ने इस टिप्पणी के बारे में पूछे गये एक सवाल के जवाब में मीडिया से कहा कि आज भाजपा नेताओं को एहसास हो गया है कि वह मध्य प्रदेश में तीन नवंबर को 28 विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनाव में हार रहे हैं, इसलिए वह उप चुनाव के असली मुद्दे से जनता का ध्यान भटका रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ये (भाजपा) इस उपचुनाव में अपने 15 साल के शासनकाल (वर्ष 2003 से वर्ष 2018 तक) और पिछले सात महीने के मुद्दों से लोगों का ध्यान मोड़ना चाहते हैं। इसलिए ध्यान भटकाने के लिए कुछ भी बोल दो। मैं उन्हें इसमें सफल नहीं होने दूंगा।’’
कमलनाथ ने आगे कहा, ‘‘इसलिए ये (भाजपा नेता) कहते हैं कि मैंने असम्मानित बात कही। कौन-सी असम्मानित बात? मैं तो सभी महिलाओं का सम्मान करता हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘अगर कोई सोचता है कि यह असम्मानित है तो मुझे इस बात का खेद है।’’
कमलनाथ ने बताया, ‘‘बोलते-बोलते मैंने यह (टिप्पणी) कहा। मैंने जो कहा, कह दिया और यह आइटम (शब्द) लोकसभा में आता है, विधानसभा में आता है। आज मैं किसी कार्यक्रम में जाता हूं, आइटम नंबर एक होता है और माला पहनाने का आइटम नंबर दो होता है। ये क्या असम्मानित है? पर ये मुद्दा बनाना चाहते हैं, जनता का ध्यान भटकाना चाहते हैं, जनता को गुमराह कर बरगलाने के लिए, क्योंकि ये (भाजपा नेता) जानते हैं कि ये हार नहीं रहे, पिट रहे हैं इस उप चुनाव में। ये कारण है।’’
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘‘देखिए जनता समझदार है। शिवराज सिंह ने 15 साल पहले कहा कि मैं मामा हूं, मैं किसान का बेटा हूं। इस तरह की कलाकारी करते-करते उन्होंने लोगों को बरगलाया और राज किया। अब ये नहीं चलने वाली। आम जनता समझ गई है।’’
उत्तरप्रदेश के हाथरस में दलित महिला की बलात्कार के बाद हत्या कर पूरे घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कमलनाथ ने कहा कि आज रोज देश सहित पूरे मध्य प्रदेश में महिलाओं पर अत्याचार हो रहे हैं। लेकिन भाजपा नेता इसकी बात नहीं करेंगे। वे जनता का ध्यान मोडेंगे कि कमलनाथ ने कह दिया कि ‘आइटम’ है। कौन सी मैंने गाली दी? कौन सा मैंने अपमान किया?
मध्य प्रदेश की 28 विधानसभा सीटों पर तीन नवंबर को होने वाले उपचुनाव की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘ये उपचुनाव साधारण उपचुनाव नहीं हैं। उपचुनाव तो तब होते थे जब एक विधायक या सांसद का निधन हो जाता था। इस उपचुनाव का अपना महत्व है। ये उपचुनाव सौदेबाजी की परिस्थिति से बनी। इससे मध्य प्रदेश कलंकित हुआ। बड़े दुख की बात है कि आज एक वर्ग के लोग सोचते हैं कि मध्य प्रदेश की राजनीति के लोग सब बिकाऊ हैं। मैं भी सौदा करता हूं, पर मैं सौदे की राजनीति नहीं करता।’’
इमरती देवी को कमलनाथ द्वारा रविवार को एक चुनावी रैली में कथित तौर पर ‘आइटम’ कहे जाने के विरोध में प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान एवं अन्य पार्टी नेता सोमवार को राज्य में विभिन्न जगहों पर धरने पर बैठकर दो घंटे का मौन व्रत किया और इस टिप्पणी के लिए कमलनाथ की निंदा की।
मुख्यमंत्री चौहान ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को पत्र लिखकर कमलनाथ को पार्टी के सभी पदों से हटाने की मांग भी की है।
इसके अलावा, चुनाव आयोग ने डबरा विधानसभा सीट से भाजपा की महिला उम्मीदवार इमरती देवी के खिलाफ कमलनाथ द्वारा की गयी इस टिप्पणी पर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
वहीं, राष्ट्रीय महिला आयोग (एनसीडब्ल्यू) ने भी यह मामला चुनाव आयोग को आवश्यक कार्रवाई के लिए भेजा है।
मामलू हो कि इमरती देवी सहित 21 अन्य विधायकों ने मार्च में कांग्रेस से और विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था तथा भाजपा में शामिल हो गए थे। इसके बाद कमलनाथ सरकार गिर गयी थी। इनमें से अधिकांश ज्योतिरादित्य सिंधिया का करीबी माने जाते हैं।
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