देश की खबरें | मप्र में ‘बुरी तरह विफल’ किसान आंदोलन से कमलनाथ गायब : शर्मा
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

इंदौर, नौ दिसंबर केन्द्र के नये कृषि कानूनों के खिलाफ देश में जारी किसान आंदोलन को मध्यप्रदेश में ‘बुरी तरह विफल’ करार देते हुए भाजपा की राज्य इकाई के अध्यक्ष विष्णुदत्त शर्मा ने बुधवार को कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ इस आंदोलन से गायब हैं।

शर्मा ने यहां संवाददाताओं से कहा, ‘‘मध्यप्रदेश में किसान आंदोलन बुरी तरह विफल हो गया है। लेकिन सूबे के पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष व नेता प्रतिपक्ष इस आंदोलन से गायब हैं।’’

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प्रदेश भाजपा अध्यक्ष ने किसान आंदोलन के समर्थन में अलग-अलग हस्तियों द्वारा सरकारी पुरस्कार वापस किए जाने पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा, ‘‘किसान आंदोलन से पुरस्कार वापसी का भला क्या संबंध है? दरअसल, पुरस्कार वापसी को लेकर भारत में एक गिरोह बन गया है।’’

शर्मा ने केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने और संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) बनाने का बखान करते हुए कहा, ‘‘मोदी जब भी कोई अच्छा काम करते हैं, यह गिरोह इस काम के विरोध में पुरस्कार वापसी की बातें करने लगता है।’’

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उन्होंने कमलनाथ के गृह क्षेत्र छिंदवाड़ा के महापौर पद को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किए जाने के खिलाफ कांग्रेस की शिकायत को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया।

शर्मा ने कहा, ‘‘क्या कमलनाथ छिंदवाड़ा को अपनी जागीर बनाने चाहते हैं? छिंदवाड़ा के महापौर पद के आरक्षण के खिलाफ शिकायत किए जाने से कमलनाथ समेत समूची कांग्रेस का अनुसूचित जनजाति विरोधी चरित्र उजागर हो गया है।’’

उन्होंने एक सवाल पर राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह पर निशाना साधते हुए कहा, ‘‘दिग्विजय को देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था, न्यायपालिका और सेना तक पर विश्वास नहीं है। वह राज्य के मतदाताओं में अपनी विश्वसनीयता खो चुके हैं।’’

शर्मा ने राज्य की 28 विधानसभा सीटों पर पिछले महीने संपन्न उप चुनावों में कांग्रेस की हार का जिक्र करते हुए तंज कसा, ‘‘कमलनाथ को (राजनीतिक तौर पर) ठिकाने लगाने का काम भी दिग्विजय ने ही किया है। अब वह अपनी युवा संतान (राज्य के पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह) को कांग्रेस की कमान दिलाने के लक्ष्य को पूरा करने में जुटे हैं।’’

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