महोबा (उत्तर प्रदेश), 30 सितम्बर जिले में कबरई कस्बे के क्रशर व्यवसायी इन्द्रकांत की संदिग्ध परिस्थिति में गोली लगने से हुई मौत मामले की जांच की निष्पक्षता की निगरानी के लिए पुलिस महानिरीक्षक ने तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है।
महोबा के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अरुण कुमार श्रीवास्तव ने बुधवार को बताया, ‘‘कबरई कस्बे के क्रशर व्यवसायी इन्द्रकांत त्रिपाठी (44) की संदिग्ध परिस्थिति में गोली लगने से मौत मामले की विवेचना निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए चित्रकूटधाम परिक्षेत्र बांदा के पुलिस महानिरीक्षक के. सत्यनारायण ने तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति का गठन किया है, जिसमें हमीरपुर के अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) सन्तोष कुमार सिंह, बबेरू-बांदा के क्षेत्राधिकारी आनन्द कुमार पांडेय और चित्रकूट जिले के इंस्पेक्टर अरुण पाठक शामिल हैं।"
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उन्होंने बताया, ‘‘क्रशर व्यवसायी की मौत के सिलसिले में दर्ज प्राथमिकी की विवेचना महोबा सदर के सीओ कालू सिंह कर रहे हैं। यह उच्च स्तरीय समिति विवेचना की निगरानी करेगी और परखेगी कि उसमें शामिल तथ्य सही हैं या नहीं।"
गौरतलब है कि विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच का हवाला देकर 25 सितंबर (शुक्रवार) की देर रात प्रयागराज परिक्षेत्र (जोन) के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) प्रेमप्रकाश ने संवाददाता सम्मेलन में दावा किया था कि "आठ सितंबर को क्रशर व्यवसायी इन्द्रकांत खुद के लाइसेंसी पिस्तौल से चली गोली से घायल हुए थे, जिनकी मौत इलाज के दौरान कानपुर की रीजेंसी अस्पताल में 13 सितंबर (रविवार) को हुई है।"
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उन्होंने अपने इस दावे समर्थन में फॉरेंसिक जांच और सबसे पहले घायलावस्था में अस्पताल ले जाने वाले अर्जुन व सत्यम के बयान और उनके व्यवसायिक साझीदारों के बीच हुई फोन वार्ता को मीडिया के सामने रखा था।
इससे पहले इन्द्रकांत ने सात और आठ सितंबर को पुलिस अधीक्षक मणिलाल पाटीदार के खिलाफ छह लाख रुपये रिश्वत मांगने का आरोप लगाने वाली वीडियो साझा कर अपनी हत्या की आशंका जताई थी। वीडियो वायरल होने के कुछ घंटे बाद वह संदिग्ध परिस्थिति में अपनी कार में गोली लगने से घायल मिले गए थे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नौ सितंबर को एसपी मणिलाल पाटीदार को भ्रष्टाचार के आरोप में निलंबित कर विजलेंस जांच के आदेश जारी किए थे। बाद में 11 सितंबर को क्रशर व्यवसायी के बड़े भाई रविकांत की तहरीर पर निलंबित एसपी पाटीदार, निलंबित कबरई थानाध्यक्ष देवेन्द्र शुक्ला के अलावा दो विस्फोटक सामाग्री व्यवसायी सुरेश सोनी व ब्रम्हदत्त के खिलाफ जबरन धन वसूली (386), हत्या की कोशिश (307), साजिश रचना (120बी) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम-1988 की धारा-7/8 के तहत मामला दर्ज किया गया।
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