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इंदौर में पत्रकार का शव संदिग्ध हालात में फंदे पर लटका मिला, निष्पक्ष जांच की मांग

मध्यप्रदेश के इंदौर में 40 वर्षीय पत्रकार का शव उसके घर में बुधवार देर रात संदिग्ध हालात में फंदे पर लटका मिला. पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी.

इंदौर में पत्रकार का शव संदिग्ध हालात में फंदे पर लटका मिला, निष्पक्ष जांच की मांग

इंदौर, 12 मई : मध्यप्रदेश (Madhya Pradesh) के इंदौर में 40 वर्षीय पत्रकार का शव उसके घर में बुधवार देर रात संदिग्ध हालात में फंदे पर लटका मिला. पुलिस के एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी. लसूड़िया पुलिस थाने के प्रभारी संतोष दूधी ने बताया, ‘‘गणेश तिवारी (40) की सतना जिले में रह रहीं पत्नी ने उन्हें बुधवार देर रात फोन किया तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया. इससे चिंतित होकर उनकी पत्नी ने पड़ोसियों को उनकी खैरियत जानने को कहा. जब पड़ोसियों ने तिवारी के घर के भीतर झांक कर देखा तो वह फंदे पर लटके मिले.’’ उन्होंने बताया कि इसकी सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने तिवारी के घर का दरवाजा तोड़कर उनका शव बरामद किया और इसे पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है.

थाना प्रभारी के मुताबिक पहली नजर में लगता है कि तिवारी ने कथित तौर पर फांसी लगाकर आत्महत्या की. उन्होंने हालांकि कहा कि पुलिस को तिवारी का छोड़ा गया कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है और उनकी कथित खुदकुशी के कारण की जांच की जा रही है. बहरहाल, अलग-अलग समाचार चैनलों में काम कर चुके तिवारी की फेसबुक प्रोफाइल देखकर पता चलता है कि उन्होंने लसूड़िया पुलिस थाने के कुछ कर्मचारियों के कथित भ्रष्टाचार की एक खबर पांच दिन पहले ही पोस्ट की थी. 40 वर्षीय पत्रकार ने अपनी मौत से महज छह दिन पहले, खुद की फेसबुक प्रोफाइल पर होरेस ग्रीले का यह मशहूर उद्धरण हिन्दी में लिखा था,‘‘पत्रकारिता आपकी जान ले सकती है, लेकिन जब तक आप इसमें हैं, तब तक यह आपको जीवित रखेगी.’’ यह भी पढ़ें : Chardham Yatra: चारधाम यात्रा के दौरान 9 दिन में 28 तीर्थयात्रियों की मौत, स्वास्थ्य विभाग ने CMO से मांगी रिपोर्ट

इंदौर प्रेस क्लब और कई स्थानीय पत्रकारों ने संदिग्ध हालात में तिवारी की मौत की निष्पक्ष जांच की मांग की है. अधिकारियों ने बताया कि लसूड़िया पुलिस ने तिवारी समेत चार लोगों के खिलाफ अक्टूबर 2021 में शहर के एक ढाबे के बारे में नकारात्मक खबर चलाने की धमकी देकर ढाबा संचालक से अवैध वसूली के आरोप में प्राथमिकी दर्ज की थी और इस मामले में तिवारी को गिरफ्तार भी किया गया था. बाद में तिवारी को मामले में अदालत से जमानत मिल गई थी और उन्होंने आरोप लगाया था कि लसूड़िया पुलिस ने "निजी द्वेष के चलते" उनके खिलाफ झूठी प्राथमिकी दर्ज की थी.

(The above story first appeared on LatestLY on May 12, 2022 01:51 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).