छत्रपति संभाजीनगर, 15 अक्टूबर कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने मंगलवार को महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की आलोचना करते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव के लिए आदर्श आचार संहिता लागू होने से पहले उन्होंने मराठा समुदाय की आरक्षण संबंधी मांग को पूरा नहीं किया।
चुनाव की तारीखों की घोषणा के बाद जालना के अंतरवाली सराटी गांव में मीडिया को संबोधित करते हुए जरांगे ने मराठा समुदाय से अगले महीने होने वाले चुनाव में शत-प्रतिशत मतदान सुनिश्चित कर अपनी ताकत दिखाने की अपील की।
महाराष्ट्र की 288 सदस्यीय विधानसभा के लिए चुनाव 20 नवंबर को एक ही चरण में होंगे और मतों की गिनती 23 नवंबर को होगी।
जरांगे ने आरोप लगाया, “ मराठा समुदाय को उम्मीद थी कि (आरक्षण को लेकर) उनकी मांगें पूरी होंगी, लेकिन फडणवीस ने मराठा युवाओं की जिंदगी को बर्बाद करने का काम किया है। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि समुदाय एकजुट न रहे, आगे न बढ़े और आरक्षण से वंचित रहे। इसलिए, उन्होंने हमारी मांग पूरी किए बिना ही चुनावों की घोषणा कर दी।”
उन्होंने दावा किया कि सरकार ने 17 समुदायों को ओबीसी (अन्य पिछड़ा वर्ग) श्रेणी में शामिल कर लिया, लेकिन मराठा समुदाय को कुछ नहीं दिया।
जरांगे ने कहा, “निर्णय लेना उनके (सत्तारूढ़ दलों के) हाथ में था। लेकिन अब समुदाय तय करेगा कि आपको सत्ता में वापस लाना है या नहीं। सरकार बनाते समय समुदाय को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। मराठों ने 14 महीनों तक अपनी ताकत दिखाई है और अब उन्हें मतदान के जरिए अपनी ताकत दिखानी चाहिए।”
कार्यकर्ता ने कहा कि मराठों को अपने बच्चों के भविष्य के लिए वोट देना चाहिए, किसी राजनीतिक पार्टी के लिए नहीं।
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