कोच्चि, 27 जून केरल सरकार ने अभिनेता मोहनलाल के विरूद्ध दर्ज हाथी के दांत की बरामदगी का मामला वापस लेने का अनुरोध करते हुए यहां एक अदालत में आवेदन दिया है। उसने कहा कि उसकी नजर में मुकदमा जारी रखना ‘व्यर्थ कवायद’ है और अदालत के बेशकीमती समय की बर्बादी है।
यह दिसंबर, 2011 का मामला है जब वन अधिकारियों के एक दल ने आयकर विभाग के छापे के बाद यहां मोहनलाल के घर से हाथी के दांत जब्त किये थे।
आरोप यह था कि अभिनेता के पास वन्यजीव (संरक्षण) अधिनियम, 1972 के तहत इन सामानों को रखने का प्रमाणपत्र नहीं था।
पेरूम्बवूर में न्यायिक प्रथम श्रेणी मजिस्ट्रेट अदालत ।।। में मुकदमा वापसी की अर्जी में सहायक सरकारी वकील ने कहा कि हाथी के दांत का मूलस्रोत जिस समय का है उस समय वन्यजीवन संरक्षण अधिनियम प्रभाव में नहीं था ।
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उन्होंने कहा, ‘‘ इसलिए हाथियों के दांत का मूलस्रोत सही व्यक्ति ही है।’’
आवेदन में कहा गया है कि वन्य जीव संरक्षण, 1972 के विभिन्न प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए ऐसे मामलों में जनहित का तत्व अपेक्षाकृत है।
सरकार ने कहा कि ऐसे में वह महसूस करती है कि इस मामले में अभियोजन जारी रखना व्यर्थ कवायद और इस माननीय अदालत के समय की बर्बादी है।
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