विदेश की खबरें | ईरान ने ‘मोसाद’ के लिए काम करने के मामले में चार दोषियों को मृत्युदंड दिया
श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

आधिकारिक ‘आईआरएनए’ समाचार एजेंसी ने बताया कि इन लोगों को 2022 में ईरान के रक्षा मंत्रालय से जुड़ी और इस्फहान शहर में मिसाइल और रक्षा उपकरणों से संबंधित एक फैक्टरी को निशाना बनाने का षड्यंत्र रचने का दोषी ठहराया गया था।

इन चारों की पहचान मोहम्मद फरामरजी, मोहसिन मजलूम, वफा अजरबार और पेजमान फतेही के रूप में की गई है। ये चारों ईरानी नागरिक हैं। देश के उच्चतम न्यायालय ने सितंबर में एक अन्य अदालत द्वारा उन्हें सुनाई गई मौत की सजा को बरकरार रखा था, जिसके बाद उन्हें मृत्युदंड दिया गया।

मीडिया ने यह नहीं बताया कि मृत्युदंड किस तरीके से दिया गया लेकिन ईरान में आमतौर पर फांसी पर लटकाकर मौत की सजा दी जाती है।

ईरान ने कहा कि उसके खुफिया कर्मियों ने 2022 में मोसाद से जुड़े एक ऐसे समूह को नष्ट किया, जिसने ईरान के भीतर आतंकवादी गतिविधियों की कथित रूप से साजिश रची थी। उसने कहा कि इस समूह के सभी सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया था और बड़ी मात्रा में हथियार एवं विस्फोटक जब्त किए गए थे।

ईरान मोसाद और अन्य पश्चिमी खुफिया सेवाओं के लिए जासूसी करने के मामले में अपने नागरिकों की गिरफ्तारी, उनके खिलाफ मुकदमे और उन्हें मौत की सजा दिए जाने की जानकारी देता रहता है।

ईरान और इजराइल एक-दूसरे पर जासूसी करने और छद्म युद्ध छेड़ने का आरोप लगाते रहे हैं। इजराइल ईरान को अपने लिए सबसे बड़ा खतरा मानता है और ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने के लिए सैन्य कार्रवाई करने की धमकी देता रहा है। ईरान इस प्रकार के हथियार हासिल करने की कोशिश करने के दावों को खारिज करता आया है।

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