नयी दिल्ली, 20 नवम्बर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने शुक्रवार को उम्मीद जतायी कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय कोरोना वायरस महामारी का समाधान खोजने के बहुत करीब है और वह इस संकट से और मजबूत होकर निकलेगा।
एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राष्ट्रपति कोविंद ने एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि कोविड-19 महामारी के मद्देनजर मानव जाति का सामूहिक स्वास्थ्य और आर्थिक कल्याण सुनिश्चित करने के लिए वैश्विक सहयोग को बढ़ाना जरूरी हो गया है।
राष्ट्रपति भवन की ओर से जारी बयान में कहा गया, ‘‘राष्ट्रपति ने उम्मीद जतायी कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय महामारी का समाधान खोजने के बहुत करीब है और वह इस संकट से और अधिक मजबूत होकर उभरेगा।’’
कोविंद ने एक ऑनलाइन कार्यक्रम में, हंगरी के राजदूत अंद्रास लाज्लो किराली, मालदीव के उच्चायुक्त हुसैन नियाज, चाड के राजदूत सोंगुई अहमद और ताजिकिस्तान के राजदूत लुकमान के परिचय पत्र स्वीकार किये।
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बयान में कहा गया है कि राष्ट्रपति ने इस अवसर पर राजदूतों को उनकी नियुक्ति पर अपनी शुभकामनाएं दीं।
इसमें कहा गया है कि भारत के सभी चार देशों के साथ मैत्रीपूर्ण संबंध हैं और संबंधों का आधार शांति तथा समृद्धि की साझा दृष्टि में है।
बयान में कहा गया है कि कोविंद ने 2021-22 के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की गैर-स्थायी सीट के लिए भारत की उम्मीदवारी का समर्थन करने के लिए उनकी सरकारों को धन्यवाद दिया।
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