नयी दिल्ली, दो सितंबर देश का सड़क क्षेत्र कई बाधाओं के बावजूद गति पकड़ रहा है। रेटिंग एजेंसी इक्रा के मुताबिक सरकार के राहत उपायों से ठेकेदारों की मदद हुई है।
इक्रा ने बुधवार को कहा कि सड़क क्षेत्र अब एक ऐसे रोचक मोड़ पर आकर खड़ा हो गया है जहां अवसर भी हैं और जोखिम भी।
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इक्रा ने एक बयान में कहा, ‘‘सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने कई राहतकारी पहलों की शुरुआत की है। इसमें निश्चित किलोमीटर तक निर्माण के बाद भुगतान (माइल स्टोन बेस्ड बिलिंग जो 45 से 75 दिन की अवधि लेती है) के स्थान पर मासिक भुगतान शुरू करना और पहले से पूरे हो चुके काम के प्रदर्शन के अनुरूप गारंटी राशि जारी करना इत्यादि शामिल हैं। इससे सड़क निर्माण ठेकेदारों को काफी मदद मिली है।’’
बयान में कहा गया है कि इन पहलों से नकदी के चक्र में लगने वाला समय कम किया है। साथ ही परियोजनाओं के क्रियान्वयन के लिए प्रदर्शन के आधार पर गारंटी राशि और संबंधित मार्जिन का भुगतान भी मिला है।
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इतना ही नहीं मंत्रालय और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने स्वतंत्र इंजीनियर द्वारा बिल के प्रमाणन के बाद सात से 15 दिन के भीतर भुगतान करना शुरू कर दिया है।
इक्रा में कॉरपोरेट रेटिंग के वरिष्ठ उपाध्यक्ष और समूह प्रमुख शुभम जैन ने कहा कि एनएचएआई के सकारात्मक और सक्रियता के साथ काम करने से सड़क ठेकेदारों और डेवलपरों की नकदी की हालत मजबूत हुई है।
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