Asha Bhosle Demise: सुरों की एक पूरी किताब बंद, अमिताभ बच्चन ने कहा- 'पीछे छोड़ गईं शाश्वत संगीत का विश्वकोश'
सुर सम्राज्ञी आशा भोसले का 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया है. उनके निधन पर अमिताभ बच्चन ने भावुक श्रद्धांजलि अर्पित की है. मुंबई के शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया.
- Read in
- English
मुंबई, 13 अप्रैल: भारतीय संगीत जगत की कालजयी आवाज और दिग्गज गायिका आशा भोसले (Asha Bhosle) का रविवार को 92 वर्ष की आयु में निधन हो गया. उन्होंने मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल (Mumbai's Breach Candy Hospital) में अंतिम सांस ली, जहां वे अंगों के काम बंद करने (मल्टी-ऑर्गन फेल्योर) की समस्या से जूझ रही थीं. सोमवार को बॉलीवुड के महानायक अमिताभ बच्चन (Amitabh Bachchan) ने अपने ब्लॉग के माध्यम से गहरा दुख व्यक्त करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी. सोमवार शाम को मुंबई के शिवाजी पार्क श्मशान घाट में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया. यह भी पढ़ें: RIP Asha Bhosle: आशा भोसले के निधन से देश में शोक, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, CM फडणवीस, ममता बनर्जी सहित कई नेताओं और फिल्मी सितारों ने दी श्रद्धांजलि
अमिताभ बच्चन की भावुक श्रद्धांजलि
अमिताभ बच्चन ने अपने ब्लॉग में लिखा कि आशा जी का जाना एक पूरे युग का अंत है. उन्होंने गायिका की प्रशंसा करते हुए लिखा, 'शोक और दुख.. एक अविश्वसनीय और असाधारण उपस्थिति हमने कल खो दी। प्रतिष्ठित और महान आशा भोसले जी हमें छोड़कर चली गई हैं.'
बिग बी ने आगे लिखा कि आशा जी ने अपनी आवाज से जिस भी गाने को छुआ, उसमें जान फूंक दी. उन्होंने कहा, 'वह हमारे लिए शाश्वत संगीत का एक पूरा विश्वकोश (Encyclopedia) छोड़ गई हैं। उनका शरीर चला गया है, लेकिन उनकी आवाज और आत्मा हमेशा अमर रहेगी.'
राजकीय सम्मान के साथ अंतिम विदाई
सोमवार सुबह आशा भोसले के पार्थिव शरीर को उनके मुंबई स्थित आवास पर अंतिम दर्शन के लिए रखा गया, जहां फिल्मी और राजनीतिक जगत की दिग्गज हस्तियों ने उन्हें श्रद्धांजलि दी. सैनिकों ने उनके ताबूत को तिरंगे में लपेटकर राजकीय सम्मान प्रदान किया. शाम 4 बजे दादर के शिवाजी पार्क श्मशान घाट पर उनका अंतिम संस्कार संपन्न हुआ. अमिताभ बच्चन स्वयं उनके आवास पर अंतिम विदा देने पहुंचे थे. यह भी पढ़ें: Asha Bhosle Dies: नहीं रहीं मशहूर गायिका आशा भोसले, 92 साल की उम्र में मुंबई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में निधन
आठ दशकों का सुरीला सफर
आशा भोसले का करियर करीब 80 वर्षों का रहा. उन्होंने अपने पार्श्व गायन की शुरुआत 1943 में मराठी फिल्म 'माझा बाल' से की थी. इसके बाद उन्होंने हिंदी सिनेमा में कदम रखा और एक से बढ़कर एक सदाबहार गीत दिए.
उनके यादगार गीतों में 'चुरा लिया है तुमने जो दिल को', 'दो लफ्जों की है दिल की कहानी', 'ओ हसीना जुल्फों वाली' और 'ये लड़का हाय अल्लाह कैसा है दीवाना' जैसे सैंकड़ों गाने शामिल हैं. उनकी बहुमुखी प्रतिभा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने शास्त्रीय संगीत से लेकर पॉप और कैबरे गानों तक में अपनी अनूठी छाप छोड़ी.
संगीत जगत के लिए अपूरणीय क्षति
आशा भोसले के निधन से संगीत जगत में एक ऐसा शून्य पैदा हो गया है जिसे भरना असंभव है. वह अपनी बड़ी बहन लता मंगेशकर के बाद भारतीय पार्श्व गायन की सबसे मजबूत स्तंभ मानी जाती थीं. उनके निधन पर देशभर में शोक की लहर है और उनके प्रशंसकों के लिए यह एक व्यक्तिगत क्षति जैसा है.
(The above story first appeared on LatestLY on Apr 13, 2026 08:24 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

