देश की खबरें | चंद्रयान अभियानों से भारत ने महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है: सिंह

चेन्नई, 15 जुलाई केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने शनिवार को कहा कि जिन देशों ने चंद्रमा पर अब तक अन्वेषण कार्य किया है, वे अब तक उस तरह की उपलब्धि हासिल नहीं कर पाये हैं जो चंद्रयान अभियानों के दौरान भारत ने अर्जित की है।

केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और परमाणु ऊर्जा एवं अंतरिक्ष राज्य मंत्री सिंह ने यहां कहा कि भारतीय अंतरिक्ष एजेंसी इसरो द्वारा शुरू किए गए ‘चंद्रयान मिशन’ ने भारत को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के मामले में एक महत्वपूर्ण स्थान दिलाया है।

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने 14 जुलाई को आंध्र प्रदेश में श्रीहरिकोटा में सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से एलवीएम3-एम4 रॉकेट के जरिए अपने तीसरे चंद्र मिशन-‘चंद्रयान-3’ का सफल प्रक्षेपण किया था।

इस अभियान के तहत यानी 41 दिन की अपनी यात्रा में चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव क्षेत्र पर एक बार फिर ‘सॉफ्ट लैंडिंग’ का प्रयास करेगा जहां अभी तक कोई देश नहीं पहुंच पाया है।

सिंह ने कहा, ‘‘हमने भले ही अपनी अंतरिक्ष यात्रा अन्य देशों की तुलना में बहुत बाद में शुरू की थी, लेकिन जिन लोगों ने हमसे पहले इस तरह के अभियान शुरू किये थे वे उन निष्कर्षों को प्राप्त नहीं कर सके जो चंद्रयान (मिशन) द्वारा प्राप्त किये गये हैं।’’

उन्होंने पत्रकारों से कहा कि चंद्रयान-3 मिशन के तहत उन प्रयोगों का विस्तार किया जा रहा है, जो भविष्य में चंद्रमा पर मानव जीवन की संभावना का संकेत देते हैं।

सिंह 14 जुलाई को चेन्नई से लगभग 135 किलोमीटर दूर स्थित श्रीहरिकोटा से चंद्रयान-3 मिशन के सफल प्रक्षेपण के मौके पर मौजूद थे।

सिंह ने कहा कि चंद्रमा मिशन के नतीजों से भारत को कई स्तरों पर फायदा मिलेगा।

केंद्र द्वारा चंद्रयान मिशन की परिकल्पना की गई थी और 15 अगस्त, 2003 को दिवंगत प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा इसकी औपचारिक रूप से घोषणा की गई थी।

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