नयी दिल्ली, 31 जुलाई केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन ने शुक्रवार को कहा कि वैश्वीकरण के दौर में रोग फैलने का खतरा भी अधिक है क्योंकि बीमारियां देशों की सीमाओं में अंतर नहीं करती हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने संचारी एवं गैर संचारी रोगों से और प्रभावी ढंग से निपटने के लिए डब्ल्यूएचओ के सदस्यों से वैश्विक प्रतिक्रिया और सहयोग को प्रेरित करने के लिए बहु क्षेत्रीय सहयोग की अपील की।
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विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के कार्यकारी ब्यूरो बोर्ड के अध्यक्ष के तौर पर हर्षवर्धन ने ऑनलाइन बैठक की अध्यक्षता की।
स्वास्थ्य मंत्रालय ने एक वक्तव्य में यह जानकारी दी।
इसमें बताया गया कि बैठक में स्वास्थ्य मंत्री ने कोविड-19 के बाद के दौर में नई चुनौतियों और खतरों से निपटने के लिए नवीन तरीके खोजने की जरूरत पर जोर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘अनेक संचारी एवं गैर संचारी रोगों के खतरों से लड़ाई में स्वास्थ्य की महत्ता और देशों के बीच बहुत अच्छे सहयोग की जरूरत का दुनिया को अब एहसास हो रहा है।’’
वक्तव्य में स्वास्थ्य मंत्री के हवाले से कहा गया, ‘‘वैश्वीकरण के दौर में, जब पूरी दुनिया मानवता के लिए एक बड़ा सा घर है, तो बीमारी के फैलने का जोखिम और चुनौती भी ज्यादा बड़ी है क्योंकि रोग देशों की सीमाओं में अंतर नहीं करता है।’’
उन्होंने वैश्विक महामारी नोवेल कोरोना वायरस के कारण मरने वाले लोगों के प्रति गहरी संवेदना और चिंता व्यक्त की।
उन्होंने इस रोग से लड़ाई में तैनात अग्रिम पंक्ति के लोगों के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि दुनियाभर में करीब 1.7 करोड़ लोग कोरोना वायरस से संक्रमित हैं और छह लाख से अधिक लोगों की इसके कारण मौत हो गई है।
उन्होंने कहा कि इस महामारी के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था पर जो असर पड़ा है वह भी बहुत गहरा है।
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