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Meerut City Satta King: अवैध सट्टेबाजी के विभिन्न प्रकार और ऑनलाइन सिंडिकेट पर पुलिस की कार्रवाई

मेरठ में 'सट्टा किंग' के नाम पर कई अवैध रूप और फॉर्म प्रचलित हैं. प्रशासन ने इन डिजिटल और फिजिकल सट्टा नेटवर्कों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है.

Meerut City Satta King: अवैध सट्टेबाजी के विभिन्न प्रकार और ऑनलाइन सिंडिकेट पर पुलिस की कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के मेरठ शहर में 'सट्टा किंग' का अवैध कारोबार विभिन्न रूपों और नामों से संचालित हो रहा है. 21 अप्रैल 2026 को पुलिस रिपोर्टों के अनुसार, यह नेटवर्क अब केवल पर्चियों तक सीमित नहीं है, बल्कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स के माध्यम से कई अलग-अलग 'गेम्स' या 'फॉर्म्स' में फैल चुका है. प्रशासन ने इन अवैध गतिविधियों की पहचान करते हुए स्थानीय स्तर पर काम करने वाले एजेंटों और मुख्य ऑपरेटरों के खिलाफ घेराबंदी तेज कर दी है.

मेरठ सट्टा किंग के प्रचलित रूप

मेरठ में सट्टेबाजी का बाजार कई हिस्सों में बंटा हुआ है. हालांकि ये सभी अवैध हैं, लेकिन बुकी और सटोरिये इन्हें अलग-अलग नामों से चलाते हैं. इनमें मुख्य रूप से 'मेरठ सिटी', 'गली', 'दिसावर', 'गाजियाबाद' और 'फरीदाबाद' जैसे नाम शामिल हैं. मेरठ सिटी के नाम पर चलने वाला सट्टा विशेष रूप से स्थानीय बाजार को लक्षित करता है, जहां हर दिन विशिष्ट समय पर नंबरों की घोषणा की जाती है.

डिजिटल और फिजिकल फॉर्म का नेटवर्क

जांच में यह सामने आया है कि सट्टा किंग अब दो मुख्य तरीकों से संचालित होता है.

फिजिकल पर्ची सिस्टम: इसमें स्थानीय एजेंट छोटी दुकानों या छिपकर पर्चियों पर नंबर लिखते हैं. यह पारंपरिक तरीका अब भी पुराने शहर के कुछ इलाकों में सक्रिय है.

ऑनलाइन ऐप्स और वेबसाइट्स: सट्टा किंग के अधिकांश फॉर्म अब 'गणेश', 'श्री गणेश' या 'दिल्ली बाजार' जैसे नामों से वेबसाइटों पर उपलब्ध हैं. यहां लोग ऑनलाइन पेमेंट कर दांव लगाते हैं और परिणाम भी डिजिटल चार्ट के माध्यम से देखते हैं.

प्रशासन की सख्त कार्रवाई

मेरठ पुलिस और साइबर सेल ने ऐसे पोर्टल्स की सूची तैयार की है जो मेरठ के नाम का उपयोग कर सट्टेबाजी को बढ़ावा दे रहे हैं. 'ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम 2025' के तहत इन वेबसाइट्स को ब्लॉक किया जा रहा है. पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सट्टा किंग के किसी भी फॉर्म में शामिल होना न केवल आर्थिक नुकसान का कारण बनता है, बल्कि यह कानूनन जुर्म है जिसमें जेल और भारी जुर्माने का प्रावधान है.

धोखाधड़ी और वित्तीय जोखिम

सट्टा किंग के इन विभिन्न फॉर्म्स में जीतने की संभावना न के बराबर होती है. सटोरिये अक्सर 'नंबर गेसिंग' और 'लीक जोड़ी' के नाम पर लोगों से पैसे ठगते हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि इन अवैध वेबसाइटों पर बैंकिंग विवरण साझा करने से डेटा चोरी और बैंक खातों के खाली होने का गंभीर खतरा रहता है.

महत्वपूर्ण वैधानिक चेतावनी:

भारत में सट्टा मटका (Satta Matka) या किसी भी प्रकार का जुआ खेलना और खिलाना सार्वजनिक जुआ अधिनियम, 1867 (Public Gambling Act, 1867) और विभिन्न राज्यों के गेमिंग कानूनों के तहत एक दंडनीय अपराध है. सट्टेबाजी के माध्यम से वित्तीय लाभ कमाने का प्रयास करना न केवल गैर-कानूनी है, बल्कि इसमें भारी आर्थिक जोखिम भी शामिल है. पकड़े जाने पर आपको भारी जुर्माना या कारावास (जेल) की सजा हो सकती है. हम किसी भी रूप में सट्टेबाजी का समर्थन नहीं करते हैं और पाठकों को इससे दूर रहने की दृढ़ सलाह देते हैं.

(The above story first appeared on LatestLY on Apr 21, 2026 10:20 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).