कांग्रेस अगर महाराष्ट्र में निकाय चुनाव अकेले लड़ती है तो कोई आश्चर्य की बात नहीं होगी: पृथ्वीराज चव्हाण
महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा है कि अगर कांग्रेस मुंबई समेत राज्य में इस साल के अंत में होने वाले नगर निकाय चुनाव अकेले लड़ती है तो उन्हें हैरानी नहीं होगी. चव्हाण ने ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं द्वारा मराठी नहीं बोलने को लेकर लोगों पर कथित तौर पर हमले किए जाने की कुछ घटनाओं के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था के बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा.
मुंबई, 9 जुलाई : महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा है कि अगर कांग्रेस मुंबई समेत राज्य में इस साल के अंत में होने वाले नगर निकाय चुनाव अकेले लड़ती है तो उन्हें हैरानी नहीं होगी. चव्हाण ने ‘पीटीआई वीडियो’ को दिए साक्षात्कार में राज ठाकरे के नेतृत्व वाली महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के कार्यकर्ताओं द्वारा मराठी नहीं बोलने को लेकर लोगों पर कथित तौर पर हमले किए जाने की कुछ घटनाओं के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था के बारे में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस पर भी निशाना साधा. उन्होंने एक सवाल के जवाब में कहा, “कांग्रेस पार्टी का गठबंधन ‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल दलों शिवसेना (उबाठा) और राकांपा (एसपी) से है. अगर वे किसी अन्य पार्टी, समान विचारधारा वाली पार्टी को साथ लेना चाहते हैं, तो यह उनका मामला है.”
उन्होंने कहा, "लेकिन अगर वे ऐसे लोगों के साथ गठबंधन करना चाहते हैं जो मूल रूप से कांग्रेस की विचारधारा, धर्मनिरपेक्षता की विचारधारा, आंबेडकर द्वारा संविधान में लिखी गई विचारधारा के विरोधी हैं, तो हम इसे स्वीकार नहीं करेंगे." चव्हाण ने कहा कि मुंबई और अन्य स्थानों पर स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर हाल में दिल्ली में हुई कांग्रेस की बैठक में उन्होंने एक समिति के समक्ष अपने विचार रखे, जो इस बात पर फैसला करेगी कि ‘इंडिया’ गठबंधन के सदस्यों के साथ गठबंधन के तहत चुनाव लड़ा जाए या अलग से. उन्होंने कहा, "अतीत में भी, हमने लोकसभा और विधानसभा चुनाव के लिए गठबंधन किया था, लेकिन स्थानीय निकाय चुनाव अलग-अलग लड़े थे, और यदि कांग्रेस पार्टी मुंबई, पुणे, नागपुर के निकाय चुनाव अलग-अलग लड़ने का फैसला करती है तो मुझे आश्चर्य नहीं होगा." यह भी पढ़ें : पंजाब के गांव में तीन घंटे के अभियान के बाद एक घर से तेंदुए को निकाला गया
मंगलवार को मनसे और अन्य समूहों के कार्यकर्ताओं ने मराठी अस्मिता की रक्षा के लिए मुंबई के निकट ठाणे के मीरा भयंदर इलाके में एक विरोध मार्च का नेतृत्व किया था. इससे पहले मराठी में बात करने से इनकार करने पर एक दुकानदार पर हमले के बाद राजनीतिक बयानबाजी बढ़ गई थी. विरोध प्रदर्शन के बारे में पूछे जाने पर चव्हाण ने दावा किया, "एक बात बिल्कुल साफ है, यह केंद्र सरकार की नीति है, जिस पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) जोर देता है. वे एक राष्ट्र-एक , एक राष्ट्र-एक धर्म, एक राष्ट्र-एक चुनाव चाहते हैं. यह मानसिकता 1930 के दशक के जर्मनी, हिटलर के जर्मनी जैसी है."
(The above story first appeared on LatestLY on Jul 09, 2025 03:40 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

