Karnataka: मैंने कभी संविधान बदलने की बात कही हो तो मैं राजनीति से संन्यास लेने को तैयार हूं; डी. के.शिवकुमार
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बेंगलुरु, 25 मार्च : कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डी. के. शिवकुमार ने मंगलवार को विपक्षी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के इस दावे का खंडन किया कि उन्होंने धर्म आधारित आरक्षण के लिए संविधान में संशोधन का सुझाव दिया था. कांग्रेस नेता ने कहा कि अगर यह आरोप सही साबित हुआ तो वह राजनीति से संन्यास लेने के लिए तैयार हैं. उपमुख्यमंत्री ने भाजपा पर उनके राजनीतिक रुख को बर्दाश्त न कर पाने के कारण ‘झूठे दावे प्रसारित’ करने का आरोप लगाया. शिवकुमार ने यह भी बताया कि कांग्रेस आलाकमान ने उनकी टिप्पणियों के बारे में पूछताछ की थी और एक समाचार चैनल के कार्यक्रम में दिए गए बयान के वीडियो की समीक्षा करने के बाद उन्हें विश्वास हो गया कि उन्होंने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की थी.

सामाचार चैनल के कार्यक्रम में शिवकुमार ने सार्वजनिक अनुंबधों में मुसलमानों के लिए चार प्रतिशत आरक्षण लागू करने के अपनी सरकार के फैसले का बचाव किया था. एक सवाल के जवाब में शिवकुमार ने कहा, ‘‘"क्या मैं पागल हूं. इस मुद्दे को उठाने वाले पागल हो गए

हैं. भाजपा नेता मेरे साक्षात्कार में कही गई बातों को स्वीकार नहीं कर सकते, न ही वे मेरे राजनीतिक रुख को बर्दाश्त कर सकते हैं. मैंने संविधान बदलने के बारे में कहां कहा है. यह तो उनकी पार्टी के सदस्य ही हैं जिन्होंने इस बारे में बात की है.’’ यह भी पढ़ें : Aditya Thackeray on Kunal Kamra: मुंबई में कुणाल कामरा शो स्थल पर तोड़फोड़ करने वालों को इसकी कीमत चुकानी चाहिए; आदित्य ठाकरे

पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘अगर मैंने कभी संविधान बदलने की बात कही तो मैं राजनीति से संन्यास लेने को तैयार हूं. क्या वे (भाजपा) इस चुनौती को स्वीकार करेंगे. उन्हें यह सत्यापित करने दीजिए कि मैंने ऐसा कहां कहा.’’ भाजपा के आरोपों को ‘‘निराधार’’ बताते हुए उन्होंने मीडिया और राजनीतिक पर्यवेक्षकों से उनका पूरा साक्षात्कार देखने का आग्रह किया.