देश की खबरें | मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने फादर स्वामी की गिरफ्तारी की निंदा की
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, नौ अक्टूबर मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा फादर स्टैन स्वामी की गिरफ्तारी को ‘निंदनीय कृत्य’ करार दिया और उन्हें आदिवासियों के अधिकारों के लिए लड़ने वाला ‘दयालु’ व्यक्ति बताया।

एनआईए ने एक जनवरी, 2018 को पुणे के पास भीमा-कोरेगांव में भीड़ को कथित तौर पर हिंसा के लिये उकसाने के मामले में कथित लिप्तता के लिए 82 वर्षीय स्टैन स्वामी को बृहस्पतिवार को उनके झारखंड के रांची स्थित घर से गिरफ्तार किया था।

यह भी पढ़े | Congress Attacks on PM Modi: कांग्रेस का पीएम मोदी पर बड़ा हमला, कहा-भाजपा राज में देश कई संकटों से गुजर रहा है लेकिन प्रधानमंत्री खुद के प्रचार में व्यस्त हैं.

स्वराज इंडिया पार्टी के अध्यक्ष योगेंद्र यादव ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘अस्सी वर्ष से अधिक उम्र के पादरी, जिन्होंने अपना पूरा जीवन गरीबों की सेवा में बिताया, उनके साथ जो किया गया वह स्तब्ध करने वाला और निंदनीय है।’’

प्रशांत भूषण ने फादर स्वामी को एक भला व्यक्ति बताया।

यह भी पढ़े | कोरोना संकट के बावजूद छत्तीसगढ़ से अच्छी खबर, ऑफ-लाइन कक्षाओं में 35,982 केन्द्रों में 7.48 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिल रही शिक्षा.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘अभी अभी पता चला कि एनआईए 82 वर्षीय फादर स्टैन को उनके रांची स्थित आश्रम से जबरदस्ती ले गई। उनसे अधिक दयालु और भले व्यक्ति की कल्पना करना भी मुश्किल है।’’

भूषण ने आगे लिखा, ‘‘उन पर (स्वामी पर) गैरकानूनी गतिविधियां रोकथाम अधिनियम के तहत मामला दर्ज करने का प्रयास एनआईए के बिकाऊपन का संकेत है।’’

इतिहासकार रामचंद्र गुहा ने ट्वीट किया, ‘‘सुधा भारद्वाज की तरह ही स्टैन स्वामी ने भी आदिवासियों के अधिकारों के लिए लड़ते हुए अपना जीवन बिताया। इसलिए मोदी शासन उन्हें दबाना और चुप कर देना चाहता है, क्योंकि इस सरकार के लिए खनन कंपनियों का लाभ आदिवासियों के जीवन और आजीविका से अधिक मायने रखता है।’’

कार्यकर्ता हर्ष मंदर ने भी स्वामी के प्रति समर्थन जताते हुए ट्वीट किया, ‘‘फादर स्टैन स्वामी ने 80 वर्ष से अधिक आयु में भी भारत के आदिवासी लोगों की नि:स्वार्थ भावना से सेवा की है तथा अन्याय के खिलाफ उनके साथ मिलकर शांतिपूर्ण संघर्ष किया। सरकार एक-एक करके भारत के अच्छे बेटे-बेटियों के पीछे पड़ रही है। वंचितों के लिए आवाज उठाने वालों से वह इतनी डरी हुई क्यों है?’’

फिल्मकार एवं पत्रकार प्रीतीश नंदी ने कहा कि यह बहुत ही पीड़ादायक है कि 80 साल से अधिक उम्र के पादरी, जो आदिवासी अधिकारों के लिए खड़े होते हैं, उन्हें महामारी के काल में गिरफ्तार कर लिया गया।

हालांकि भाजपा के राष्ट्रीय सचिव और त्रिपुरा के प्रभारी सुनील देवधर ने एनआईए की कार्रवाई का समर्थन किया। उन्होंने कहा, ‘‘यह अच्छी बात है कि एनआईए ने भीमा-कोरेगांव मामले में स्टैन स्वामी को गिरफ्तार कर लिया। वह प्रतिबंधित संगठन भाकपा (माओवादी) के सदस्य हैं।’’

देवधर ने कहा, ‘‘इससे ईसाई मिशनरियों और शहरी नक्सलियों के बीच संबंधों के बारे में और खुलासे हो सकेंगे।’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)