कोरोना संकट के बावजूद छत्तीसगढ़ से अच्छी खबर, ऑफ-लाइन कक्षाओं में 35,982 केन्द्रों में 7.48 लाख से अधिक विद्यार्थियों को मिल रही शिक्षा
पूरे देश में जब कोरोना संकट काल में स्कूल बंद हैं, छत्तीसगढ़ में स्कूली बच्चों की पढ़ाई को निरंतर जारी रखने के लिए नवाचार के साथ ’पढ़ई तंुहर दुआर’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। प्रदेश में जहां इंटरनेट कनेक्टीविटी है वहां सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग कर ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। राज्य के ऐसे सुदूर और वनांचल क्षेत्र जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है वहां ऑफलाइन कक्षाएं चलाई जा रही हैं
रायपुर, 09 अक्टूबर. पूरे देश में जब कोरोना संकट काल में स्कूल बंद हैं, छत्तीसगढ़ में स्कूली बच्चों की पढ़ाई को निरंतर जारी रखने के लिए नवाचार के साथ ’पढई तुंहर दुआर’ कार्यक्रम चलाया जा रहा है। प्रदेश में जहां इंटरनेट कनेक्टीविटी है वहां सूचना प्रौद्योगिकी का उपयोग कर ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं. राज्य के ऐसे सुदूर और वनांचल क्षेत्र जहां इंटरनेट कनेक्टिविटी नहीं है वहां ऑफलाइन कक्षाएं चलाई जा रही हैं. दोनों ही माध्यम से छत्तीसगढ़ में संचालित इस कार्यक्रम को नीति आयोग सहित देश भर के कई हिस्सों से सराहना मिल रही है.
कोरोना संक्रमण के कारण स्कूल बंद होने की चुनौती से निपटने के लिए स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा शुरू किए गए पढई तुंहर दुआर ऑनलाइन मॉड्यूल में अब तक 1.43 लाख शिक्षकों द्वारा कुल 39.57 लाख ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की गयी और इन कक्षाओं से 3.77 लाख बच्चे मोबाइल से जुड़कर इन कक्षाओं मे पढ़ाई कर रहे हैं. उल्लेखनीय है कि स्कूली बच्चों की शिक्षा के लिए ऑनलाईन पढ़ाई के लिए इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल द्वारा 7 अप्रैल 2020 को किया गया था. यह भी पढ़ें-कोरोना काल में स्कूली बच्चों को मध्यान्ह भोजन देने में छत्तीसगढ़ अव्वल, राज्य के 90 प्रतिशत से अधिक स्कूली बच्चों को मिला सूखे राशन का लाभ
कार्यक्रम के अंतर्गत स्कूली बच्चों को ऑनलाईन पढ़ाई कराई जा रही है। ऑनलाईन पढ़ाई कराने के लिए सीजीस्कूलडॉटइन (cgshool.in)वेबसाईट बनाई गई है. इस वेबसाईट में प्रतिदिन स्कूली बच्चों के पढ़ाई के लिए सरल भाषा में तैयार किए गए वीडियो पाठ अपलोड किए जाते हैं. वीडियो के अलावा आडियो पाठ भी तैयार किए जाते हैं। इस वेबसाईट से 2.03 लाख शिक्षक पंजीकृत हो चुके हैं. शिक्षकों द्वारा बच्चों की पढ़ाई के लिए 18 हजार 184 वीडियो पाठ और 914 ऑडियो पाठ अपलोड किए गए हैं. बच्चों को विषय वस्तु आसानी से समझाने के लिए 10 हजार 553 फोटो तथा अन्य सहायक सामग्री भी अपलोड की गई है. साथ ही शिक्षकों द्वारा 2702 कोर्स मटीरियल तैयार कर वेबसाईट में उपलब्ध कराया गया है.
पढ़ई तुंहर दुआर कार्यक्रम के तहत राज्य के ऐसे हिस्से जहां इंटरनेट कनेक्टीविटी नहीं है उन स्थानों में ऑफलाईन कक्षाएं संचालित की जा रही है. इन आफलाईन कक्षाओं (पढई तुंहर पारा) में 23 हजार 643 शिक्षकों द्वारा 35 हजार 982 केन्द्रों में 7 लाख 48 हजार 266 विद्यार्थियों को पढ़ाई जारी रखने में सहयोग दिया जा रहा है। गांव के पारों, मोहल्लों में ग्रामीणों के सहयोग से इन ऑफलाईन कक्षाओं का संचालन किया जा रहा है. इसके अलावा गांव में लाउडस्पीकर स्कूल के माध्यम से भी स्कूली बच्चों को शिक्षा दी जा रही है. दो हजार 343 शिक्षकों द्वारा लाउडस्पीकर स्कूलों का संचालन कर 68 हजार 916 विद्यार्थियों को सीखाना जारी रखने में सहयोग दिया जा रहा है. ’बुलटू के बोल’ के माध्यम से 1608 शिक्षकों द्वारा सुदूर अंचलों में 27 हजार 433 पालकों को जिनके पास स्मार्ट फोन नहीं हैं, उनके साधारण कीपैड फोन में 4677 साप्ताहिक हाट-बाजारों के दौरान 60 हजार 327 ऑडियो पाठों को ब्लू-टूथ के माध्यम से ट्रांसफर कर उनके बच्चों के पढ़ाई में सहयोग किया जा रहा है.
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा कोरोना संक्रमण के दौरान शुरू किए गए इस कार्यक्रम को विद्यार्थियों और पालकों से भरपूर सराहना और सहयोग मिला. ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में पालकों ने पढ़ाई को ध्यान में रखकर बच्चों के लिए मोबाईल और नेट कनेक्शन की व्यवस्था की. इस कार्य में विपरीत परिस्थितियों में स्वेच्छा और समर्पण से कार्य कर रहे 1.12 लाख शिक्षकों को स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा सर्टिफिकेट प्रदान कर सम्मानित किया गया है.
स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इस कार्यक्रम को चलाने के लिए जहां सूचना प्रौद्योगिकी की ताकत का इस्तेमाल किया जा रहा है. वहीं सुदूर और वनांचल क्षेत्र के गांवों में कोरोना की रोकथाम और बचाव की गाईडलाइन का पालन करते हुए जन सहयोग से परम्परागत ढ़ंग से घरों के बरामदों, खुले स्थानों में बच्चों के लिए कक्षाएं संचालित की जा रही हैं. इस नवाचार में प्रदेश के समर्पित शिक्षक भी अपना भरपूर सहयोग दे रहे हैं। बच्चों के लिए ये शिक्षक पाठ्यक्रम के अनुसार रोचक वीडियो और आडियो सामग्री तैयार कर बच्चों को उपलब्ध करा रहे हैं.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 09, 2020 10:06 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

