देश की खबरें | हिप्र: भाजपा ने चंबा हत्याकांड की जांच एनआईए से कराने की मांग की, पूरे राज्य में किया प्रदर्शन

धर्मशाला, 17 जून भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने चंबा जिले में एक व्यक्ति की हत्या के मामले की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) से कराने की मांग को लेकर शनिवार को पूरे हिमाचल प्रदेश में राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। मारे गये व्यक्ति के शव के टुकड़े-टुकड़े कर दिये गये थे जिन्हें एक नाले से बरामद किया गया था।

भाजपा ने राज्य के सभी 12 जिले में से प्रत्येक में उपायुक्तों के माध्यम से राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल को एक ज्ञापन भी सौंपा।

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष राजीव बिंदाल ने सिरमौर जिला में ज्ञापन सौंपा और लापता हो रहे लोगों का पता लगाने के लिए विशेष कार्यबल (एसटीएफ) गठित करने की मांग की।

भाजपा ने मुख्य आरोपी द्वारा सरकारी भूमि पर किये गये अतिक्रमण और उसे वित्तीय सहायता प्रदान करने के मामले में विभागीय जांच कराने की मांग की है।

सुखविंदर सिंह सुक्खू सरकार की कार्यप्रणाली की आलोचना करते हुए भाजपा नेताओं ने प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह मारे गये व्यक्ति के परिवार से मिलने जा रहे नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर समेत विपक्षी दलों के अन्य नेताओं को चंबा के सलूनी कस्बे में प्रवेश करने से रोक रहा है।

लापता होने के दो दिन बाद आठ जून को भंडाल गांव निवासी मनोहर के शव के टुकड़े सलूनी के बांदल पंचायत के एक नाले में मिले थे।

पुलिस ने इस मामले में 13 जून को मुसाफिर हुसैन समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। हुसैन की पत्नी और शाबिर को भी गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस ने कहा कि हुसैन पर आरोप है कि उसने अनुसूचित जाति के 28 वर्षीय युवक मनोहर लाल की अपनी भतीजी से प्रेम प्रसंग को लेकर हत्या कर दी थी।

कांगड़ा के जिला भाजपा अध्यक्ष चंद्रभूषण नाग का आरोप है कि राज्य में जब भी कांग्रेस सरकार सत्ता में आती है, तब अराजकता और गुंडागर्दी बढ़ जाती है।

नाग ने एनआईए जांच की जरूरत पर बल देते हुए चंबा मामले में मुख्य आरोपी की पृष्ठभूमि के संदिग्ध होने का हवाला दिया जिसके पास काफी संपत्ति है और वह सरकारी भूमि पर अतिक्रमण के आरोपों का भी सामना कर रहा है।

राज्य भाजपा मीडिया प्रभारी राकेश शर्मा ने इस बात पर चिंता जताई कि इस मामले के आरोपी को अब तक गिरफ्तार नहीं किया गया है और उन्होंने सरकार और प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाया।

उन्होंने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री सुक्खू स्वयं भी पीड़ित के परिवार के घर नहीं गये।

भाजपा ने दावा किया है कि ग्रामीण हुसैन पर 100 बीघा सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करने का आरोप लगा रहे हैं। भाजपा ने आगाह किया कि अगर आरोपी को कड़ी सजा नहीं दी गई तो वह राज्यव्यापी आंदोलन करेगी।

सलूनी में मुसाफिर हुसैन के घर को आग के हवाले करने के बाद बृहस्पतिवार को भारतीय दंड संहिता की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई थी।

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