जरुरी जानकारी | हिमाचल का अप्रैल- जुलाई का 1,628 करोड़ रुपये जीएसटी हिस्सा केन्द्र के पास लंबित

शिमला, 17 सितंबर हिमाचल प्रदेश का 1,628 करोड़ रुपये का माल एवं सेवा कर (जीएसटी) का हिस्सा केन्द्र सरकार के पास लंबित है। राज्य के मुख्यमंत्री जय राम ठाकुर ने बृहस्पतिवार को इसकी जानकारी दी।

ठाकुर ने प्रश्नकाल के दौरान सुजानपुर के विधायक रजिंदर राणा और डलहौजी की विधायक आशा कुमारी के सवालों का जवाब देते हुए सदन को बताया कि चालू वित्त वर्ष के पहले चार महीने यानी अप्रैल से जुलाई के लिये केंद्र के पास राज्य का 1,628 करोड़ रुपये का जीएसटी बकाया है। उन्होंने कहा कि उक्त राशि की केंद्र सरकार क्षतिपूर्ति करेगी।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि चालू वित्त वर्ष में जुलाई तक की संरक्षित राशि 2,335 करोड़ रुपये है। इसमें राज्य का 707 करोड़ रुपये का जीएसटी संग्रह तथा केंद्र के पास 1,628 करोड़ रुपये का जीएसटी बकाया शामिल है।

उन्होंने बताया कि वित्त वर्ष 2019-20 के लिये राज्य को 2,477 करोड़ रुपये की जीएसटी क्षतिपूर्ति प्राप्त हुई है। उन्होंने कहा कि पिछले वित्त वर्ष के लिये राज्य का केंद्र के ऊपर किसी तरह का जीएसटी बकाया नहीं है।

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विपक्ष के नेता मुकेश अग्निहोत्री ने एक अलग सवाल में पूछा कि क्या केंद्र ने हिमाचल प्रदेश को जीएसटी क्षतिपूर्ति प्रदान करने के बजाय पैसे उधार लेने का निर्देश दिया है? इसका उत्तर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीएसटी परिषद की 41 वीं बैठक में राज्यों को क्षतिपूर्ति के लिये दो विकल्पों पर चर्चा की गयी थी और दोनों विकल्प अभी भी जीएसटी परिषद के विचाराधीन हैं।

उल्लेखनीय है कि चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकारें केंद्र से 2.35 लाख करोड़ रुपये की जीएसटी क्षतिपूर्ति की मांग कर रही हैं। केंद्र सरकार का कहना है कि इनमें से महज 97 हजार करोड़ रुपये की कमी का कारण जीएसटी का क्रियान्वयन है। शेष 1.38 लाख करोड़ रुपये कोरोना वायरस महामारी के कारण कम हुए हैं।

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