अहमदाबाद, तीन जून गुजरात सरकार ने कोविड-19 महामारी से निपटने तथा राज्य की स्वास्थ्य प्रणाली में जरूरी सुधार के वास्ते रणनीति बनाने में उसे सहयोग देने के लिए एक विशेषज्ञ समिति बनायी है।
यह कदम ऐसे वक्त उठाया गया है जब गुजरात में मृत्युदर राष्ट्रीय औसत मृत्यु दर से दोगुना है।
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राज्य कोविड-19 संक्रमण के मामलों की संख्या की दृष्टि से चौथे स्थान पर है और गुजरात उच्च न्यायालय ने हाल ही में अहमदाबाद सिविल अस्तपाल की स्वास्थ्य सुविधाओं की दशा पर चिंता प्रकट की थी।
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘ मुख्यमंत्री ने रणनीतियां बनाने और उन्हें लागू करने में सरकार का मार्गदर्शन करने और स्वास्थ्य प्रणाली पर नजर रखने के लिए डॉक्टरों की एक समिति बनायी है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ यह समिति सरकार को जनस्वास्थ्य प्रणाली, संपूर्ण स्वास्थ्य सुविधाओं और उपचार प्रोटोकोल में जरूरी सुधार पर सरकार को सुझाव देगी।’’
मुख्यमंत्री कार्यालय के एक बयान के मुताबिक राज्य के आठ शीर्ष निजी डॉक्टर समिति के सदस्य बनाये गये हैं जबकि प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) जयंति रवि उसकी संयोजक बनायी गयी हैं।
मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री नितिन पटेल ने मंगलवार को इस विशेषज्ञ समिति के साथ बैठक की।
गुजरात में कोविड-19 मृत्युदर 6.19 फीसद है जबकि देश का कोविड-19 मृत्युदर 2.8प्रतिशत है।
राज्य में बुरी तरह प्रभावित अहमदाबाद में तो इस बीमारी की मृत्युदर सात फीसद है।
गुजरात में मंगलवार तक कोरोना वायरस संक्रमण के मामले 17632 थे और इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 1092 थी।
राज्य सरकार ने कोरोना वायरस लॉकडाउन से प्रभावित राज्य की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए पूर्व केंद्रीय वित्त सचिव हसमुख अधिया की अगुवाई में एक समिति बनायी है।
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