अहमदाबाद, 22 जुलाई गुजरात सरकार ने बुधवार को अपने कर्मियों खासकर, नर्सों, पुलिस अधिकारियों और बस परिचालकों को आगाह किया कि वे उच्च वेतन ग्रेड की मांग करने वाले सोशल मीडिया चल रहे "द्वेषपूर्ण " अभियान के झांसे में नहीं आएं।
गांधीनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने आरोप लगाया कि प्रशासन कोरोना वायरस ने निपटने में व्यस्त है जबकि "कुछ तत्व" सोशल मीडिया पर उच्च वेतन ग्रेड का अभियान चला कर सरकारी कर्मचारियों को गुमराह करने और भड़काने की कोशिश कर रहे हैं।
वह ट्विटर और फेसबुक पर चल रहे एक अभियान का हवाला दे रहे थे, जिसमें नर्सों, पुलिस अधिकारियों और गुजरात सड़क परिवहन निगम के परिचालकों के लिए उच्च वेतन ग्रेड की मांग की जा रही है।
यह अभियान पिछले हफ्ते तब शुरू हुआ था, जब राज्य एक सरकारी प्रस्ताव पर रोक लगा दी थी। यह प्राथमिक स्कूल के शिक्षकों के एक वर्ग के वेतन ग्रेड को कम करने का प्रस्ताव था।
पटेल ने कहा, " सरकारी प्रस्ताव पर रोक लगाकर हमने 4200 रूपये का पुराना ग्रेड ही बहाल कर दिया था। लेकिन धारणा यह बनाई गई कि सरकार ने वेतन ग्रेड बढ़ा दिया। अब कुछ लोग उच्च वेतन की मांग करके अन्य कर्मचारियों को भड़का रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पहले पुलिस कर्मियों को भड़काने की कोशिश हुई और स्वास्थ्य कर्मियों को निशाना बनाया जा रहा है।
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