नयी दिल्ली, 12 दिसंबर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने सोमवार को कहा कि माल एवं सेवा कर (जीएसटी) से जुड़े राज्य सरकारों के दावों का निपटारा संबंधित महालेखापाल से प्रमाणपत्र सहित जरूरी कागजात मिलने के बाद कर दिया जायेगा।
लोकसभा में नकुल नाथ, भर्तृहरि महताब और शशि थरूर के पूरक प्रश्नों के उत्तर में निर्मला सीतारमण ने यह बात कही।
वित्त मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार जीएसटी से जुड़े सभी मुआवजों का राज्यों को भुगतान करने को प्रतिबद्ध है और पिछले पांच वर्ष से लगातार ऐसा कर भी रही है।
उन्होंने कहा कि इस बारे में संबंधित महालेखापाल को यह प्रमाणपत्र देना होता है कि उक्त राज्य को इतनी मात्रा में मुआवजे का भुगतान करना है।
सीतारमण ने कहा, ‘‘अगर राज्यों से महालेखापाल द्वारा प्रमाणित दावे से जुड़ा कागजात प्राप्त होने में देरी होती है, तब स्वाभाविक है कि यह (जीएसटी मुआवजा) लंबित रहेगा। जैसे ही महालेखापाल द्वारा प्रमाणित दावे का कागजात मिल जायेगा, धन जारी कर दिया जायेगा।’’
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की ओर से यह प्रक्रिया अद्यतन है और उपकर के रूप में जो भी राशि प्राप्त होती है, उसे राज्यों में वितरित किया जाता है।
दीपक
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