देश की खबरें | अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद जम्मू कश्मीर में हालात सुधरने का सरकार का दावा झूठा साबित हुआ: ‘सामना’

मुंबई, 15 सितंबर शिवसेना (यूबीटी) ने कश्मीर में पिछले दिनों सेना के दो अधिकारियों और एक वरिष्ठ पुलिस अधकारी की आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में मौत को लेकर शुक्रवार को नरेन्द्र मोदी सरकार पर निशाना साधा और दावा किया कि अनुच्छेद 370 समाप्त होने के बाद घाटी में हालात सामान्य होने का केंद्र का दावा झूठा साबित हुआ है।

शिवसेना (यूबीटी) ने पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ के संपादकीय में कहा कि जम्मू कश्मीर में हालात सही नहीं हैं, लेकिन मोदी सरकार जी20 की सफलता से अभिभूत है।

उसने कहा, ‘‘केंद्र सरकार ने ऐसी तस्वीर पेश की थी कि अनुच्छेद 370 के समाप्त होने के बाद सबकुछ सामान्य हो जाएगा, लेकिन अंतत: यह बात झूठी साबित हुई।’’

दक्षिण कश्मीर जिले के कोकेरनाग में बुधवार तड़के आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ में सेना की 19 राष्ट्रीय राइफल्स के कमांडिंग अधिकारी कर्नल मनप्रीत सिंह, मेजर आशीष ढोंचक और जम्मू कश्मीर पुलिस के उपाधीक्षक हुमायूं भट तथा एक जवान शहीद हो गये थे।

संपादकीय में लिखा है कि अनुच्छेद 370 के विशेष प्रावधान समाप्त किये हुए चार साल से अधिक समय हो गया, लेकिन अब तक घाटी में विधानसभा चुनाव नहीं हुए हैं।

‘सामना’ में कहा गया है कि जम्मू कश्मीर में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की हार होगी, इस डर से चुनाव नहीं कराना जनता के साथ विश्वासघात है।

संपादकीय में लिखा है कि अनुच्छेद 370 के प्रावधानों को समाप्त किये जाते समय दावा किया गया था कि कश्मीरी पंडितों की घर वापसी होगी, नये उद्योग लगाये जाएंगे और घाटी में रोजगार के अवसर सृजित होंगे, लेकिन अब तक ऐसा कुछ नहीं हुआ।

उद्धव ठाकरे नीत पार्टी ने लिखा, ‘‘भाजपा सरकार को अनुच्छेद 370 को हटाकर और लद्दाख को अलग केंद्रशासित प्रदेश बनाकर क्या मिला?’’

पार्टी ने कहा, ‘‘यह सरकार लद्दाख में अपनी जमीन वापस नहीं ले सकती, कश्मीरी पंडितों की रक्षा नहीं कर सकती, जवानों के बलिदान और घुसपैठ नहीं रोक सकती तथा कश्मीरियों का मन भी जीत नहीं सकती। यह सरकार की विफलता है।’’

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