जरुरी जानकारी | सरकार का भंडारगृह अधिनियम के तहत नियमों के उल्लंघन पर जुर्माना बढ़ाने का प्रस्ताव

नयी दिल्ली, 27 जुलाई सरकार ने गोदामों के पंजीकरण को अनिवार्य बनाने के साथ भांडागारण (विकास एवं विनियमन) अधिनियम, 2007 में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। इसमें गोदामों पर कई तरह के उल्लघंन के लिए जुर्माना बढ़ाने का भी प्रस्ताव है। खाद्य मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह जानकारी दी है।

सरकार ने संशोधन विधेयक में अनुबंध रसीद (नेगोशिएबल रसीद) केवल इलेक्ट्रॉनिक रूप में स्वीकार करते हुए पंजीकरण प्रक्रिया को सरल बनाने का प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव में भांडागारण विकास और विनियमक प्राधिकरण (डब्ल्यूडीआरए) को जांच करने, प्रवर्तन कार्रवाई करने, मौद्रिक जुर्माना लगाने और निर्णय लेने का भी अधिकार दिया गया हैं।

अधिकारी ने कहा कि सरकार ने विभिन्न अपराधों के लिए तीन साल तक की कैद को खत्म करने का प्रस्ताव किया है। लेकिन मौजूदा एक लाख रुपये से जुर्माने में उल्लेखनीय वृद्धि का भी सुझाव दिया है।

अधिकारी के अनुसार, खाद्य मंत्रालय पहले ही अधिनियम में प्रस्तावित परिवर्तनों पर अंतर-मंत्रालयी टिप्पणी मांगी हुई है और जल्द ही मंत्रिमंडल की मंजूरी लेगा।

इसके बाद संशोधन विधेयक संसद के मानसून सत्र में रखे जाने की संभावना है।

चूंकि पंजीकरण वैकल्पिक है, इसलिए डब्लूडीआरए के साथ पंजीकृत गोदामों की संख्या बहुत कम है।

अधिकारी ने कहा कि देश में करीब 60,000 गोदाम हैं। इनमें से 4,700 गोदाम नियामक के पास पंजीकृत हैं, लेकिन केवल 2,910 गोदाम ही सक्रिय हैं।

संसद में संशोधन विधेयक पारित होने के बाद सरकार तीसरे पक्ष के गोदामों का पंजीकरण चरणबद्ध तरीके से करेगी।

उन्होंने कहा कि पहले चरण में 5,000 टन से अधिक क्षमता वाले गोदामों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा, इसके बाद 1,000 से 5,000 टन से अधिक क्षमता वाले गोदामों पर और फिर 100 टन से अधिक क्षमता वाले गोदामों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

अधिकारी ने आगे कहा कि डब्लूडीआरए पंजीकरण माल के उचित बुनियादी ढांचे और वैज्ञानिक भंडारण को सुनिश्चित करता है। यह बैंकों को फसलोत्तर ऋण बढ़ाने और ग्रामीण क्षेत्रों और किसानों की आय बढ़ाने में मदद करेगा।

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