धलपुर (असम), 30 सितंबर : असम के दरांग जिले में 7000 से ज्यादा किसानों को कथित तौर पर “अवैध कब्जेवाली जमीन” से हटाने के बाद वहां प्रदेश सरकार की “आधुनिक कृषि तकनीकों” को लाने की महत्वाकांक्षी परियोजना शुरू हो गई है. करीब 500 ‘मूल निवासी’ युवाओं को गोरुखुटी कृषि परियोजना के लिए काम पर रखा गया है. यह परियोजना अल्पसंख्यक समुदाय के किसानों को हटाए जाने के बाद खाली हुई जमीन पर शुरू की गई है. असम सरकार का दावा है कि हटाए गए लोग “अनधिकृत तौर पर जमीन पर खेती” कर रहे थे और उन्हें बेदखली अभियान चलाकर इस महीने के शुरू में जमीन से हटाया गया था.
इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच हुई झड़प के दौरान पुलिस गोलीबारी में 12 साल के एक लड़के समेत दो लोगों की मौत भी हो गई थी. लोकसभा सांसद और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव दिलीप सैकिया ने कहा कि “कुछ लोग” पूरी परियोजना का “राजनीतिकरण और सांप्रदायिकरण” करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन सरकार “राज्य के विकास” की दिशा में आगे बढ़ने के लिए दृढ़संकल्पित है. यह भी पढ़ें : बच्चे को मां के पास रखना स्वाभाविक, उसके कल्याण के लिये अनुकूल : बंबई उच्च न्यायलय
यहां ‘पीटीआई-’ को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा, “हमने करीब 40-50 बीघा (लगभग 15 एकड़) भूमि पर खेती शुरू कर दी है. हमने पालक, लौकी और कद्दू की खेती के साथ शुरुआत की है. बेदखली के मुद्दों के कारण काम में थोड़ी देर हुई.”













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