जरुरी जानकारी | सरकार ने पहले से बैटरी के बिना इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री, पंजीयन को मंजूरी दी

नयी दिल्ली, 12 अगस्त सरकार ने पहले से बैटरी लगे बिना भी इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री और पंजीकरण की अनुमति दे दी है। सरकार ने बुधवार को कहा कि इससे इन वाहनों की लागत में कमी आयेगी।

इलेक्ट्रिक वाहनों की कुल लागत में लगभग 30 से 40 प्रतिशत बैटरी की होती है। सरकार ने कहा कि कंपनियों इसे अलग से दे सकती हैं।

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केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने कहा, ‘‘मंत्रालय ने पहले से बैटरी लगाए बिना भी इलेक्ट्रिक वाहनों के पंजीकरण की अनुमति दे दी है। सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के परिवहन सचिवों को लिखे पत्र में, मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि परीक्षण एजेंसी द्वारा जारी किये गये अनुमोदन प्रमाण पत्र के आधार पर बिना बैटरी वाले वाहनों को बेचा और पंजीकृत किया जा सकता है।’’

उसने कहा कि पंजीकरण कराते समय बैटरी के बारे में जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी।

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हालांकि, इलेक्ट्रिक वाहन और बैटरी (नियमित या स्वैपेबल) के प्रोटोटाइप को केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 126 के तहत निर्दिष्ट परीक्षण एजेंसियों द्वारा अनुमोदित किया जाना आवश्यक है।

प्रमुख सचिवों और राज्यों के परिवहन सचिवों को दिये सलाह में कहा गया कि सरकार देश में इलेक्ट्रिक आवागमन में तेजी लाने के लिये एक पारिस्थितिकी तंत्र बनाने का प्रयास कर रही है।

उसने कहा, ‘‘यह वाहनों के प्रदूषण और तेल आयात व्यय को कम करने के लिये व्यापक राष्ट्रीय एजेंडा को प्राप्त करने की दिशा में संयुक्त रूप से काम करने का समय है। यह न केवल पर्यावरण की रक्षा करेगा और तेल आयात व्यय को कम करेगा, बल्कि यह कई नये उद्योगों को भी अवसर प्रदान करेगा।"

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