जरुरी जानकारी | गूगल पर ऑस्ट्रेलिया में निजता नियमों के उल्लंघन का आरोप

कंपनी ने कहा है कि विनियामक की ओर से लगाए गए आरोप उचित नहीं हैं।

मंच का कहना है कि कंपनी ने उपयोक्ताओं को उनकी निजी जानकारी के उपयोग को लेकर भ्रमित किया।गूगल के खिलाफ कथित निजता उल्लंघन का यह नया मामला है। कंपनी दूनिया के विभिन्न देशों में ऐसे आरोपों का सामना कर रही है।

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ऑस्ट्रेलिया के प्रतिस्पर्धा और उपभोक्ता आयोग ने सोमवार को यहां की संघीय अदालत में यह मामला दाखिल किया है।

आयोग का आरोप है कि कैलिफोर्निया की इस कंपनी ने करोड़ों ऑस्ट्रेलिया वासियों को भ्रमित करके उनकी निजी जानकारियों के उपयोग के लिए उनसे अनुमति प्राप्त की। उसने उनकी निजी जानकारियों के उपयोग का दायरा बड़ा दिया जिसका इस्तेमाल वह विज्ञापन दाताओं के लिए करता है।

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गूगल पर यह आरोप 2016 में उसके गूगल के खाताधारकों की निजी जानकारियों को उनकी गैर-गूगल साइटों पर इस्तेमाल की जाने वाली जानकारियों को मिलाने से हैं। ये गैर-गूगल साइट गूगल प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करती हैं। इन्हें पहले डबलक्लिक के नाम से जाना जाता था।

आयोग के चेयरमैन रॉड सिम्स ने कहा, ‘‘ हमारा आरोप है कि गूगल ने लोगों से उनकी सहमति स्पष्ट तरीके से नहीं ली।’’

उन्होंने कहा कि आयोग का मानना है कि लोग गूगल की सेवा के उपभोग के बदले में अपनी जानकारियों के इस्तेमाल की अनुमति देकर एक तरह से भुगतान करते हैं। इस तरह गूगल ने जो यह नया बदलाव किया वह उसकी सेवाओं का मूल्य बढ़ाने जैसा है जिसके बारे में ग्राहकों को कोई जानकारी नहीं दी गयी।

इस बारे में गूगल ने एक बयान में कहा कि उसने जांच में आयोग के साथ सहयोग किया है। उसने अपने उपयोक्ताओं से आसानी से समझ में आने वाली सूचनाओं के जरिए सहमति मांगी। वह आयोग के आरोपों से सहमत नहीं हैं और अदालत में अपना बचाव करेगी।

हाल में ऑस्ट्रेलिया की सरकार ने फेसबुक समेत सोशल मीडिया पर दिखायी जाने वाली समाचार सामग्री को लेकर उन्हें समाचार संगठन को इसका भुगतान करने की योजना बनायी है। कोरोना वायरस संकट में समाचार संगठनों की विज्ञापन आय गिरी है जिसके चलते सरकार ने यह योजना बनायी है। कुछ ही दिनों में आयोग इससे जुड़े नियम और दरें जारी करेगा। गूगल पिछले कुछ महीनों में इस योजना पर आयोग के साथ मिलकर काम करता रहा है।

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