देश की खबरें | सोना तस्करी मामला: निलंबित आईएएस अधिकारी शिवशंकर की अंतरिम जमानत याचिका खारिज
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

कोच्चि, 28 अक्टूबर केरल उच्च न्यायालय ने सोने की तस्करी से जुड़े मामले में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के निलंबित अधिकारी एम. शिवशंकर की अंतरिम जमानत याचिका बुधवार को खारिज कर दी। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और सीमा शुल्क विभाग मामले की जांच कर रहा है।

अदालत ने दो अलग-अलग अंतरिम याचिकाओं पर फैसला सुनाया।

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Election 2020: पीएम मोदी ने विपक्ष पर साधा निशाना, कहा- पहले की सरकार का था एक ही मंत्र, पैसा हजम, परियोजना खत्म: 28 अक्टूबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान, उच्च न्यायालय ने 28 अक्टूबर तक शिवशंकर की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी।

ईडी ने याचिका का विरोध करते हुए कहा था कि अधिकारी की हिरासत में पूछताछ की आवश्यकता है, क्योंकि वह जांच में सहयोग नहीं कर रहे हैं।

यह भी पढ़े | PM मोदी और CM योगी की मेहनत हो रही है सफल, यूपी के ‘लोकल उत्पाद’ चीन के लिए बन रहे चुनौती.

एजेंसी ने कहा कि सोना तस्करी मामले में शिवशंकर की भूमिका की जांच अभी की जा रही है और अंतरिम जमानत देने से इसका जांच पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।

वहीं अंतरिम जमानत की मांग करते हुए शिवशंकर ने कहा था कि उन्होंने अभी तक सभी निर्देशों का पालन किया है और उनके भागने की कोई गुंजाइश भी नहीं है।

इस बीच, आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि ईडी ने शिवशंकर को हिरासत में ले लिया है।

उल्लेखनीय है कि सीमा शुल्क विभाग ने गत पांच जुलाई को 15 करोड़ रुपये मूल्य का 30 किलोग्राम सोना जब्त किया था।

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए), सीमा शुल्क विभाग और प्रवर्तन निदेशालय समेत केंद्रीय एजेंसियां इस मामले में अलग अलग जांच कर रही हैं।

एनआईए ने इस मामले में गैर कानूनी गतिविधि रोकथाम कानून के तहत सुरेश, सरित पीएस, संदीप नायर और फैजल फरीद सहित कई लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।

सुरेश और सरित संयुक्त अरब अमीरात के वाणिज्य दूतावास के पूर्व कर्मचारी हैं।

मामला संयुक्त अरब अमीरात के तिरुवनंतपुरम स्थित वाणिज्य दूतावास के एक अधिकारी के नाम का इस्तेमाल कर राजनयिक सामान के जरिए सोने की तस्करी की कोशिश से जुड़ा है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)