पणजी, 13 अक्टूबर गोवा के चर्च ने मंगलवार को कहा कि केंद्र सरकार को जनजातीय कार्यकर्ता और पादरी फादर स्टेन स्वामी को तत्काल रिहा करना चाहिए।
स्वामी को एक जनवरी 2018 को महाराष्ट्र के पुणे के पास कोरेगांव भीमा में हुई हिंसा के मामले में गिरफ्तार किया गया था।
गोवा चर्च की एक इकाई- सामाजिक न्याय और शांति परिषद (सीएसजेपी) ने एक वक्तव्य जारी कर कहा है कि सभी पंथों को मानने वाले नागरिकों के अधिकारों की रक्षा होनी चाहिए।
सीएसजेपी के निदेशक फादर सेवियो फर्नांडीज ने कहा कि “ईसाईयों को राष्ट्रविरोधी करार देने का प्रयास किया जा रहा है और उन्हें राजनीतिक स्थान देने से वंचित रखने की जमीन तैयार की जा रही है तथा उनके लोकतांत्रिक अधिकारों को समाप्त किया जा रहा है।”
स्वामी को रांची स्थित उनके आवास से बृहस्पतिवार को गिरफ्तार किया गया था।
फर्नांडीज ने कहा, “सरकार को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि सभी पंथों के लोगों के अधिकारों, कर्तव्यों और सुविधाओं की रक्षा हो सके और शांति तथा समरसता का वातावरण कायम किया जा सके।”
उन्होंने कहा कि एनआईए द्वारा स्वामी को गिरफ्तार किया जाना पूर्ण रूप से उनके अधिकारों का उल्लंघन है।
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