नयी दिल्ली, 27 जून सार्वजनिक खरीद पोर्टल जेम देरी से भुगतान करने पर जुलाई से दंडात्मक ब्याज लगाने का प्रावधान शुरू करेगा। सरकारी मंत्रालय और विभाग अगर विक्रेताओं को देरी से भुगतान करेंगे तो उन्हें यह ब्याज देना होगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को यह जानकारी दी।
सरकार ने 2020 में फैसला किया था कि जेम मंच पर सामान बेचने वाले विक्रेताओं को भुगतान में देरी करने पर खरीदारों से एक प्रतिशत जुर्माना लिया जाएगा।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को कहा कि यह प्रावधान जुलाई से प्रभावी होगा।
सरकारी ई-मार्केट (जेम) के सीईओ पी के सिंह ने कहा कि खरीदारों, विशेषकर राज्य सरकारों से समय पर भुगतान हासिल करने को लेकर कुछ मुद्दे हैं।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के मामले में भुगतान 10-15 दिनों में होता है, जबकि राज्य सरकारों के मामले में समस्याएं हैं।
सिंह ने यहां उद्योग मंडल सीआईआई के एक कार्यक्रम में कहा, ''हम इस पर काम कर रहे हैं और मैं आपको बता दूं कि जुलाई के अंत तक दंडात्मक ब्याज लगाने की यह कार्यप्रणाली चालू हो जाएगी। ब्याज अक्टूबर से लिया जाएगा।''
यह प्रावधान विभागों को भुगतान समय पर करने के लिए प्रेरित करेगा।
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