जरुरी जानकारी | कौशल की वैश्विक कमी दूर करने को कदम उठाने पर सहमत हुए जी-20 देश: भूपेन्द्र यादव

इंदौर (मध्यप्रदेश), 21 जुलाई केंद्रीय श्रम और रोजगार मंत्री भूपेंद्र यादव ने शुक्रवार को कहा कि जी-20 के सदस्य देशों ने वैश्विक स्तर पर विभिन्न कौशल की कमी दूर करने के लिए कदम उठाने, ‘गिग और प्लेटफॉर्म’ कर्मचारियों को पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने तथा सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के सतत वित्त पोषण के मसौदे पर सहमति जताई है।

यादव ने जी-20 समूह के देशों के श्रम और रोजगार मंत्रियों की इंदौर में आयोजित दो दिवसीय बैठक खत्म होने के बाद संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। यह बैठक यादव की अध्यक्षता में आयोजित हुई।

उन्होंने कहा कि बैठक में परिणाम दस्तावेजों (मसौदे) और अध्यक्षीय सार को सर्वसम्मति से अपनाया गया। हालांकि इसमें शामिल भू-राजनीतिक मसले के पैरा पर सहमति नहीं बन सकी।

श्रम और रोजगार मंत्री ने कहा कि मसौदे के जिन विषयों पर सहमति बनी, उनमें विभिन्न कौशल की वैश्विक कमी दूर करने के लिए रणनीति बनाकर कदम उठाना, स्वतंत्र रूप से अस्थायी कार्य और ऑनलाइन मंचों पर काम करने वाले कर्मियों (गिग और प्लेटफॉर्म कर्मचारी) की अर्थव्यवस्था को पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा के साथ काम-काज के उचित हालात मुहैया कराना और सभी कर्मियों को पर्याप्त सामाजिक सुरक्षा देने के लिए सतत वित्त पोषण के इंतजाम करना शामिल हैं।

यादव ने कहा कि यह मसौदा जी-20 के देशों को उनके विचार के लिए भेजा जाएगा। उन्होंने कहा,"भारत की अध्यक्षता वाले जी20 समूह की मंत्रिमंडलीय बैठक में विश्व मैत्री को मजबूत करने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया गया।"

उन्होंने कहा कि जी-20 के श्रम और रोजगार मंत्रियों की बैठक में 176 प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। इनमें इस समूह के सदस्य देशों और आमंत्रित देशों के 26 मंत्रियों के साथ ही अंतरराष्ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ), आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (ओईसीडी) और विश्व बैंक समेत 15 अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख शामिल हैं।

हर्ष

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