नयी दिल्ली, चार अगस्त सरकार ने शुक्रवार को लोकसभा को बताया कि अगस्त 2019 से जून 2023 तक जम्मू कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र से जम्मू कश्मीर उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में 2,165 बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं दाखिल की गई हैं।
लोकसभा में जम्मू-कश्मीर नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के सांसद हसनैन मसूदी के प्रश्न के लिखित उत्तर में विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने यह जानकारी दी। जम्मू-कश्मीर के अनंतनाग सीट से सांसद ने पूछा था कि अगस्त 2019 से 30 जून 2023 के बीच जम्मू कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र से जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय और उच्चतम न्यायालय में कुल कितनी बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं दायर की गई हैं।
अपने उत्तर में मेघवाल ने कहा, ‘‘इस अवधि में 2,165 बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाएं दाखिल की गई हैं।’’
अपने प्रश्न में मसूदी ने यह भी जानना चाहा कि क्या जम्मू कश्मीर संघ राज्य क्षेत्र में लोक सुरक्षा अधिनियम 1978 के तहत निषेध करने संबंधी आदेशों को चुनौती देने वाली बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिकाओं के निपटान में देरी हो रही है?
इस पर केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने कहा, ‘‘जी, नहीं।’’
विधि एवं न्याय मंत्री ने कहा, ‘‘सरकार न्यायालयों में उपलब्ध अभिलेखों की समयबद्ध प्रस्तुती सुनिश्चित करती है। न्यायालयों द्वारा उचित समय के भीतर ऐसी याचिकाओं के शीघ्र निपटान को सुनिश्चित करने के लिए सभी अपेक्षित कदम उठाए जा रहे हैं।’’
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