कोलकाता, एक जून पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बृहस्पतिवार को कहा कि स्नातक स्तर पर चार वर्षीय ‘ऑनर्स’ पाठ्यक्रम शुरू करने का निर्णय इसलिए किया गया है कि ताकि राज्य के विद्यार्थी राष्ट्रीय स्तर पर मुकाबला कर सकें।
मुख्यमंत्री ने इस शैक्षणिक वर्ष से चार वर्षीय ‘ऑनर्स’ पाठ्यक्रम शुरू करने के राज्य सरकार के फैसले की कुछ शिक्षक संघों की ओर से आलोचना किए जाने की पृष्ठभूमि में यह टिप्पणी की है।
बनर्जी ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) की सिफारिश पर नई नीति बनाई गई है और यह विद्यार्थियों के लिए फायदेमंद हैं, क्योंकि वे अब सिर्फ एक साल में मास्टर डिग्री पूरी कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा, “ पहले, हमें स्नातक पूरी करने के लिए तीन वर्ष लगते थे। अब एक बदलाव लाया गया है। ‘पास कोर्स’ में स्नातक कर रहे विद्यार्थियों को अपना पाठ्यक्रम पूरा करने में तीन वर्ष लगेंगे जबकि ‘ऑनर्स’ करने वालों को चार साल लगेंगे जैसा कि यूजीसी ने सुझाव दिया है।”
उन्होंने कहा, “ यह फायदेमंद (है)। आप मास्टर डिग्री सिर्फ एक साल में पूरा कर सकेंगे। लिहाज़ा मामला वही है।”
मुख्यमंत्री बोर्ड परीक्षाओं में शीर्ष स्थान हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए आयोजित किए गए कार्यक्रम में बोल रही थी।
उन्होंने कहा, “अगर अन्य राज्य इसे स्वीकार करते हैं और हम नहीं करते हैं तो हमारे विद्यार्थी उनका (राष्ट्रीय स्तर पर) मुकाबला नहीं कर पाएंगे । इस वजह से हमें इसे स्वीकार करना पड़ा।”
पश्चिम बंगाल सरकार ने इस शैक्षणिक सत्र से सभी सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त उच्च शिक्षण संस्थानों में स्नातक स्तर पर चार वर्षीय ‘ऑनर्स’ पाठ्यक्रम को शुरू करने का बुधवार को घोषणा की थी।
यह मौजूदा तीन वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम की जगह लेगा।
कई शिक्षक संघों ने इस निर्णय की आलोचना की है जबकि तृणमूल कांग्रेस समर्थक प्रोफेसर संघ ने कहा है कि जब इस शैक्षणिक वर्ष से देश के बाकी हिस्सों में ‘4 जमा 1 फॉर्मूला’ (चार वर्षीय स्नातक और एक वर्षीय परास्नातक) लागू किया जा रहा है तो राज्य को पीछे नहीं रहना चाहिए।
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