शिलांग, पांच नवंबर मेघालय की विधानसभा के पांच दिवसीय शरद सत्र के पहले दिन बृहस्पतिवार को पांच विधेयक पेश किये गए।
राज्य के मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने सदन में मेघालय लोक सेवा अधिकार विधेयक पेश किया।
संगमा ने कहा, ''सरकार मेघालय के निवासियों को समयबद्ध सेवाएं प्रदान करने के लिये एक ऐसा कानून लाना चाहती है, जिसमें सेवाएं प्रदान करने में नाकाम रहे सरकारी कर्मचारी की जवाबदेही तय की जानी शामिल हो।''
विधेयक में कहा गया है कि मेघालय के हर निवासी को उससे संबंधित सेवाएं हासिल का अधिकार है और हर अधिकारी तय समय के अंदर सेवाएं प्रदान करने के प्रति कर्तव्यबद्ध होना चाहिये।
इसके अलावा मुख्यमंत्री ने मेघालय एरियर निपटान विधेयक (राज्य कर अधिनियमों के अधीन) विधेयक, 2020 और मेघालय खनिज उपकर (संशोधन) विधेयक, 2020 भी पेश किए।
वहीं, शिक्षा मंत्री लक्षमण रिम्बुई ने सेंट जेवियर्स विश्वविद्यालय शिलांग विधेयक, 2020 जबकि कृषि मंत्री बी बी लिंगदोह ने मेघालय कृषक (सशक्तीकरण) आयोग (संशोधन) विधेयक, 2020 पेश किया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY