देश की खबरें | फील्ड कमांडरों से सोशल मीडिया के खतरों के बारे में सीआईएसएफ कर्मियों को जागरूक करने कहा गया
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, चार अगस्त केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) ने अपने फील्ड कमांडरों को ‘‘सोशल मीडिया के दुरूपयोग के खतरों’’ के बारे में जागरूकता फैलाने और इस संबंध जारी नये दिशनिर्देशों का सावधानी से अनुपालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उल्लेखनीय है कि करीब 1.62 लाख कर्मियों वाले बल ने कुछ ही दिन पहले सोशल मीडिया के उपयोग के सिलसिले में कुछ नये दिशानिर्देश जारी किये थे। इसके तहत कर्मियों को ट्विटर, फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे सभी मंचों पर इस्तेमाल में लाई जा रही अपनी ‘‘यूजर आईडी’’ का खुलासा संबद्ध इकाई के समक्ष करने का निर्देश जारी किया है। एक अधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई है।

यह भी पढ़े | मुंबई में भारी बारिश के चलते धोबीघाट इलाके में नाले में बही दो महिलाओं के लिए सर्च ऑपरेशन जारी: 4 अगस्त 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि ये दिशानिर्देश यह सुनिश्चित करने के लिये जारी किये गये हैं सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर्मी ‘‘जिम्मेदारी और जवाबदेही के साथ’’करें तथा इनहें सीआईएसएफ महानिदेशक (डीजी) राजेश रंजन से मंजूरी मिली थी।

इस बीच, सोमवार को जारी नये दिशानिर्देश में यहां स्थित बल के मुख्यालय ने अपनी सभी इकाई कमांडरों को निर्देश दिया कि वे कर्मियों को सोशल मीडिया के सही एवं रचनात्मक उपयोग के बारे में तथा इसकी ‘‘संवेदनशीलता एवं खतरों ’’ के बारे में भी जागरूक करें।

यह भी पढ़े | पंजाब शराब कांड: कांग्रेस में मचा घमासान, राज्यसभा सांसद शमशेर सिंह दूलो ने अपनी ही पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप- कार्रवाई की उठी मांग.

इसमें कहा गया है कि इन विषयों पर नियमित सैनिक सम्मेलन या नियमित रूप से होने वाले कार्यक्रमों के दौरान चर्चा होनी चाहिए।

निर्देश में कहा गया है कि बल में सोशल मीडिया के इस्तेमाल की अनुमति परिवार, मित्र और अन्य घटनाक्रमों से जुड़े रहने के लिये है। इसलिए कर्मियों को यह सुनश्चित करना चाहिए कि ‘‘संवदेनशील एवं गोपनीय सूचना’’ का खुलासा नहीं हो और उनकी ऑनलाइन गतिविधियों से बल की गरिमा, छवि या अनुशासन प्रभावित नहीं हो।

नये दिशानिर्देश शुरू में 31 जुलाई को जारी किये गये थे, जिनमें कहा गया था कि नये नियमों का उल्लंघन करने वालों को सख्त कानूनी एवं अनुशासनिक कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

सीआईएसएफ अभी देश में 63 हवाईअड्डों, हवाई एवं परमाणु क्षेत्र से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण परिसंपत्तियों के अलावा विभिन्न सरकारी मंत्रालयों एवं भवनों आदि की सुरक्षा करता है।

बल बुधवार को केंद्र शासित क्षेत्र लद्दाख के लेह स्थित नागरिक हवाईअड्डा की सुरक्षा की जिम्मेदारी भी संभालने जा रहा है।

पिछले महीने 31 जुलाई को जारी दो पृष्ठों में मौजूद दिशानिर्देशों के सार के मुताबिक ये इसलिए जारी किये गये हैं कि बल ने कुछ ऐसे उदाहरण पाये हैं जहां सोशल मीडिया मंचों का उपयोग सीआईएसएफ कर्मी राष्ट्र/संगठन के बारे में संवेदनशील सूचना साझा करने तथा सरकार की नीतियों का विरोध करने में कर रहे हैं।

इन दिशानिर्देशों में सीआईएसएफ कर्मियों के अनुपालन के लिये पांच बिंदु निर्धारित किये गये हैं , जो हैं ‘‘कर्मियों को टि्वटर, फेसबुक, इंस्टाग्राम, यू ट्यूब जैसे सभी सोशल मीडिया मंचों पर खुद के द्वारा इस्तेमाल की जा रही अपनी यूजर आईडी का संबद्ध इकाइयों के जरिये विभाग को खुलासा करना होगा।

दिशानिर्देशों में कहा गया है, ‘‘यूजर आईडी में कोई बदलाव करने या यह नया बनाने की स्थिति में, उन्हें इस बारे में अवश्य ही विभाग को सूचित करना होगा।’’

इनमें कहा गया है कि कर्मी अनाम या छद्म नाम से यूजर आईडी का इस्तेमाल नहीं करेंगे तथा वे इन ऑनलाइन मंचों का इस्तेमाल ‘‘सरकार की नीतियों की किसी भी तरह की आलोचना करने में नहीं करेंगे।’’

दिशानिर्देशों में कहा गया है, ‘‘सोशल मीडिया मंचों का इस्तेमाल अपनी शिकायतों को प्रकट करने में पदानुक्रम या उपयुक्त माध्यम को नजरअंदाज करने में नहीं किया जाएगा। ’’

बल में सोशल मीडिया उपयोग नीति सबसे पहले 2016 में लाई गई थी और इसमें 2019 में संशोधन किया गया था।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)