नयी दिल्ली, चार जून केंद्रीय पर्यावरण मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने केरल में एक गर्भवती जंगली हथिनी की पटाखों से भरा अनानास खिलाने से हुई मौत पर गंभीर संज्ञान लेते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति में पटाखे खिलाना और हत्या करना शामिल नहीं है।
सोशल मीडिया पर बवाल मचाने वाली इस घटना के बारे में ट्वीट करते हुए जावड़ेकर ने कहा कि सरकार दोषियों को सजा देने के लिए कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘केंद्र सरकार ने मलप्पुरम में एक हथिनी की हत्या पर गंभीर संज्ञान लिया है। हम इस घटना की उचित जांच करने और दोषियों को पकड़ने में कोई कोर कसर नहीं छोड़ेंगे। पटाखे खिलाना और हत्या करना भारतीय संस्कृति में शामिल नहीं हैं।’’
बुधवार रात को एक बयान में जावड़ेकर ने केरल में गर्भवती जंगली हथिनी की क्रूरता से हत्या करने के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का वादा किया था।
जावड़ेकर ने यहां एक बयान जारी कर कहा, ‘‘पर्यावरण मंत्रालय ने केरल में एक हथिनी की मौत पर गंभीर संज्ञान लिया है। घटना की रिपोर्ट मांगी है। दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।’’
गौरतलब है कि इस घटना में कथित तौर पर स्थानीय लोगों ने हथिनी को पटाखों से भरा अनानास खाने के लिए दिया जो उसके मुंह में जाकर फट गया जिससे उसकी मौत हो गई।
हथिनी की 27 मई को वेल्लियार नदी में मौत हुई।
सूत्रों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में पता चला कि हथिनी गर्भवती थी।
सूत्रों ने बताया कि अनानास चबाने के बाद वह कुछ भी नहीं खा पा रही थी और यह अनानास उसके मुंह में फट गया।
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