फरीदाबाद, 22 जुलाई किशोरों के खिलाफ असामाजिक तत्वों के उत्पीड़न के बारे में जागरूकता पैदा करने के लिए जिला पुलिस ने एक विशेष शाखा स्थापित करने का फैसला किया है।
फरीदाबाद के पुलिस आयुक्त ओ पी सिंह ने कहा, ‘पिछले कुछ वर्षों में सोशल मीडिया और इंटरनेट के माध्यम से बाहरी दुनिया के साथ संपर्क ने यह खतरा कई गुना बढ़ा दिया है।’
उन्होंने कहा कि विंग का नाम टीन एज पुलिस (टीएपी) रखा गया है।
टीएपी किशोरों को स्वस्थ और रचनात्मक जीवन शैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने का प्रयास करेगा।
सिंह ने कहा, ‘यह स्कूलों के हेडबॉय-हेडगर्ल और स्पोर्ट्स टीमों के कप्तानों से बातचीत करने के लिए एक मंच तैयार करेगा। यह वेब-कॉन्फ्रेंस और आमने-सामने बातचीत के जरिए उनके साथ होने वाली समस्याओं को समझने और सुनने के लिए सत्रों की मेजबानी करेगा।’
1992-बैच के हरियाणा कैडर के अधिकारी ने कहा कि टीएपी इस क्षेत्र में सक्रिय गैर-सरकारी संगठनों की मदद से अभिभावकों और उत्पीड़न के किशोरों के लिए एक हेल्पलाइन भी चलाएगी।
उन्होंने कहा,‘टीएपी किशोरों के बीच लोकप्रिय इंस्टाग्राम और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफार्मों पर भी निगरानी रखेगा। इसके माध्यम से, यह किशोरों को संभावित उत्पीड़न के बारे में शिक्षित करने और उन्हें किसी भी खतरे से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाने के लिए प्रोत्साहित करेगा।’
उन्होंने कहा कि पुलिस रैंक के एक अतिरिक्त आयुक्त इस पहल का नेतृत्व करेंगे। अधिकारी स्कूल के अधिकारियों, माता-पिता के संघों और गैर सरकारी संगठनों के साथ मिलकर काम करेंगे।
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